अब एक बार फिर राहुल गांधी उसी वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने इस जगह को अपनी रणभूमि के तौर पर चुना है। यह ऐसी जगह है जो केरल के साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक से भी सटी हुई है। इससे दक्षिण के राज्य सध सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या वायनाड राहुल गांधी के सिर पर जीत का ताज पहनाएगा या नहीं?