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Kunal Kamra Row: भाजपा-शिवसेना ने कुणाल कामरा को घेरा तो विपक्ष ने किया बचाव; कनाल बोले- यह आत्मसम्मान की बात

Mon, 24 Mar 2025 12:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

कॉमेडियन कुणाल कामरा के बयान के बाद राजनीतिक दलों में जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा, शिवसेना ने स्टैंडअप कॉमेडियन पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) ने शिसैनिकों के उपद्रव की आलोचना की है।
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कुणाल कामरा - फोटो : X/@kunalkamra88
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ एक शो के दौरान अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुंबई के खार इलाके में हैबिटेट स्टूडियो में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में करीब 40 शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। यहां शो के दौरान कामरा ने बिना नाम लिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' बताया था। बता दें कि हैबिटेट स्टूडियो में ही विवादास्पद 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो फिल्माया गया था। भाजपा-शिवसेना ने कामरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तोड़फोड़ को गलत बताया और अभिव्यक्ति की आजादी की वकालत की।
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कुणाल कामरा के विवादित बयान पर बवाल - फोटो : PTI
'जब भी आप मुंबई में होंगे, आपको शिवसेना शैली में अच्छा सबक मिलेगा'
इस बीच तोड़फोड़ को लेकर अपने खिलाफ दर्ज FIR पर शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल ने कहा, 'यह कानून को हाथ में लेने की बात नहीं है। यह पूरी तरह से आपके आत्मसम्मान की बात है। जब बात बुजुर्गों या देश के सम्मानित नागरिकों की आती है, जब आपके बुजुर्गों को निशाना बनाया जाता है, तो आप उस मानसिकता के किसी व्यक्ति को निशाना बनाएंगे। संदेश स्पष्ट है- अभी तो यह ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है। जब भी आप मुंबई में होंगे, आपको शिवसेना शैली में अच्छा सबक मिलेगा।'
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कुणाल कामरा के विवादित बयान पर बवाल - फोटो : PTI
'अपमान करने का अधिकार नहीं'
महाराष्ट्र सरकार के गृह (शहरी) मंत्री योगेश रामदास कदम ने कहा, 'संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान करने का अधिकार नहीं दी गई।' शिवसेना (शिंदे गुट) कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ पर उन्होंने कहा, 'जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, वह होगी।'

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कुणाल कामरा के विवादित बयान पर बवाल - फोटो : PTI
'यह कॉमेडी नहीं बल्कि अश्लीलता'
विवाद पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, 'आप महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय सीएम और डिप्टी सीएम को 'गद्दार' कहते हैं और फिर उसे कॉमेडी कहते हैं। यह कॉमेडी नहीं बल्कि अश्लीलता है। यह कुणाल कामरा कौन है? जिसे यूबीटी ने ध्यान भटकाने के लिए कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया है? क्या आप सस्ती लोकप्रियता के लिए इस हद तक जा सकते हैं? शायद आपको नहीं पता कि एकनाथ शिंदे एक ऑटोरिक्शा चालक थे, जो सीएम बन गए। यह कॉमेडी नहीं, आकांक्षा है। आपका क्या होगा, यह एक त्रासदी है।
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Kunal Kamra Row - फोटो : PTI
महाराष्ट्र सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'यह दुखद है और ये लोग महाराष्ट्र को बर्बाद कर रहे हैं। यह एक ऐसा राज्य है जहां से देश की आर्थिक प्रगति होती थी, जहां निवेश आता था। महाराष्ट्र में जो माहौल ये बना रहे हैं, कोई निवेशक यहां नहीं आएगा। महाराष्ट्र के युवा पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। वे (महाराष्ट्र सरकार) आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष का काम सत्तापक्ष को आईना दिखाना है। वे उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते।'
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Kunal Kamra Row - फोटो : PTI
'व्यंग्यात्मक टिप्पणी से शिंदे का कद कम नहीं होगा'
एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार ने कहा कि इस तरह की व्यंग्यात्मक टिप्पणियां बालासाहेब ठाकरे जैसे कई बड़े नेताओं की ताकत थीं। एकनाथ शिंदे उनके कार्यकर्ता हैं। 2003 में छगन भुजबल पर ऐसी टिप्पणी की गई थी, जो अब महायुति में हैं। उस समय उनके कार्यकर्ताओं ने एक कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए छगन भुजबल ने इस्तीफा दे दिया था। जब राहुल गांधी से एक सीरीज में राजीव गांधी पर की गई ओछी टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी के ऐसा कहने से राजीव गांधी का महत्व कम नहीं हो जाता। इसलिए हर कलाकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि यह 2014 से पहले का दौर नहीं है। यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब नहीं रही। इसलिए, सभी कलाकारों को सावधान रहना चाहिए। एकनाथ शिंदे बड़े नेता हैं, अगर कोई उन पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करता है, तो उनका कद कम नहीं होगा। मुझे लगता है कि नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं को भी कुछ ज्ञान देना चाहिए।' 

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