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आम लोगों के दिलों पर राज करते हैं ये पांच आईपीएस, जानें क्यों?

Thu, 03 Dec 2020 02:59 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईएएस और आईपीएस - फोटो : amar ujala
आज हम आपको ऐसे आईपीएस अफसरों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में जानकर आप उन पर नाज़ करेंगे। इन अफसरों ने अपने काम के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाई है। इन लोगों ने मुश्किल से मुश्किल घड़ी मे अपनी ड्यूटी निभाई है और ये किसी के दबाव में नहीं आते है। ऐसे अफसरों को लिस्ट बहुत लंबी है जिन्होंने अपने काम प्रति ईमानदारी और निष्ठा दिखाई है। लेकिन हम सिर्फ इन पांच आईपीएस अफसरों की बात करेंगे। जानें वे कौन हैं??
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असम की लेडी सिंघम आईपीएस संजुक्ता पराशर

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संजुक्ता पराशर - फोटो : self
असम के लोग संजुक्ता पराशर को लेडी सिंघम भी कहते हैं। संजुक्ता ने जेएनयू से पीएचडी की है। साल 2006 में उन्होंने यूपीएससी में 85 रैंक हासिल कर अपने आईपीएस बनने का सपना साकार किया। संजुक्ता ने  बोडो उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में प्रमुख भूमिका निभाई थी। संजुक्ता ने 2015 में असम के जोरहाट जिले को एसपी के तौर पर लगातार असम के जंगलों में एके-47 थामे सीआरपीएफ के जवानों और कामंडो को लीड करती रहीं। 
 
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उग्रवादियों का किया था खात्मा

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संजुक्ता पराशर - फोटो : self
अप्रैल में उनकी टीम ने सेना पर हमला करने वाले उग्रवादियों को दबोचा था, साथ ही उन उग्रवादियों को भी पकड़ा को जंगल का इस्तेमाल छुपने के लिए करते थे।  ऐसी जगह पर ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल होता है जहां पर मौसम का भरोसा नहीं रहता है। यह इलाका बेहद दुर्गम है। नदी और जंगली जानवरों को खतरा हमेशा सामने रहता है। लोकल लोग उग्रवादियों को पुलिस के बारे में सूचना देते रहते है।  उनके नेतृत्व में 16 उग्रवादियों को मार  गिराया गया और 64 को गिरफ्तार कर भरी मात्रा में गोला बारूद भी जब्त किया गया।

आईपीएस रूपा मुदगिल, जिनका नाम सुनकर कांपते है बदमाश

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रूपा मुदगिल - फोटो : self
आईपीएस रूपा मुदगिल अखबारों की हेडलाइन्स बनने से बचती है लेकिन अपने साहसी कारनामों के कारण वह हमेशा सुर्ख़ियो में बनी रहती हैं। ब्यूरोक्रेट्स की दुनिया में कुछ ही लोग ऐसे होते है जो अलग हटकर कुछ काम करने की हिम्मत जुटा पाते है। रूपा मुदगिल उन कुछ लोग में से एक हैं।
 
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जेल में शशि कला की ऐश का किया था पर्दाफाश

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रूपा मुदगिल - फोटो : self
रूपा मुदगिल अपनी निडरता और बेकबकी के लिए जानी जाती है। उन्होंने देश के जैल सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का उजागर किया था। रूपा ने एआईएडीएमके कि नेता वीके शशि कला को जेल में मिल रही वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस वक्त शशिकला बैंगलुरू के प्रपन्ना अग्रहार सेंट्रल जेल में बंद थीं।
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रूपा मुदगिल - फोटो : self
रूपा ने 15 नवंबर को टाइम्स ऑफ इंडिया में एक ब्लॉग लिखा, जिसका टाइटल cracker the goverment ban and people's behaviour मतलब पटाखे , सरकारी रोक और लोगों को व्यवहार। रूपा के इस ब्लॉग से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई । उन्होंने हिन्दू रीति रिवाजों को लेकर अपना पक्ष जोरदार तरीके से रखा। इस बहस के कारण उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी।
 
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क्राइम स्पेशलिस्ट शिवदीप लांडे

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शिवदीप लांडे - फोटो : self
बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे  2006 के आईपीएस ऑफिसर है। यह अपनी दिलेरी के लिए काफी मशहूर हैं। इन्होंने पटना में रहते हुए अपराधियो  पर लगाम कसने के लिए नए नए आइडियास पर काम किया।  जैसे, लांडे ने मगध महिला कॉलेज और पटना वूमेंस कॉलेज की लड़कियों को अपना फोन नंबर दे दिया था और कहा था कि जब भी कोई मनचला फोन करे तो उनके नंबर पर उस कॉल को डायवर्ट कर दें। 

 

आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं लांडे

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शिवदीप लांडे - फोटो : self
लांडे के नए -नए आइडियाज़ की वजह से उनके कार्यकाल में पटना का क्राइम रेट कम हो गया था। आम लोगों में उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस घटना से लगाया जा सकता है, जब उनका ट्रांसफर एरियर जिले में किया गया तो पटना की सड़को पर लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे। 

 

सैक्स रैकेट के खिलाफ चलाए जबरदस्त अभियान

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शिवदीप लांडे - फोटो : self
लांडे जब इंटरस्टेट डेपुटेशन पर मुंबई गए, तो उन्होंने एंटी नारकोटिक्स और क्राइम ब्रांच में काम किया। इस दौरान उन्होंने बाल मजदूर और बार गर्ल्स को बचाया। साथ ही ड्रग्स डीलिंग और सेक्स रैकेट का खिलाफ जबरदस्त अभियान भी चलाया था।
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वायरल आईपीएस श्रेष्ठा ठाकुर

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श्रेष्ठा ठाकुर - फोटो : self
यूपी कैडर की श्रेष्ठा ठाकुर ने साबित किया है वह आयरन लेडी हैं। साल 2017 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने बुलंदशहर के बतौर डीएसपी बीजेपी कार्यकर्ताओं को क्लास लगाई थी। बीजेपी कार्यकर्ता बिना गाड़ी के पेपर, नंबर प्लेट और हेलमेट के गाड़ी चला रहे थे। उन पर जुर्माना लगाया तो वह धौंस दिखाने। लोगों से घिरे होने के बावजूद श्रेष्ठा उनकी धमकियों और भभकियों से डरी नहीं। उन्होंने पांच बीजेपी कार्यकर्ताओं को जेल भेजा। इसके 15 दिन बाद उनका ट्रांसफर हो गया। उन्होंने कविताई अंदाज़ में फेसबुक पर लिखा जहां भी जाएंगे, रोशनी लुटाएंगे, किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता है।
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