किसानों का मसीहा कहे जाने वाले महेंद्र सिंह टिकैत की विरासत उनके दोनों बेटे नरेश टिकैत और राकेश टिकैत संभाल रहे हैं। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर मोर्चा संभाले हैं, तो वहीं नरेश टिकैत पश्चिमी यूपी में महापंचायतें कर किसानों को एकजुट कर रहे हैं। 26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद जहां टिकैत बंधु बैकफुट पर नजर आ रहे थे, वहीं एक हफ्ते बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। किसान आंदोलन नए रंग के साथ जोर पकड़ रहा है। भारी जनसमर्थन मिलने के बाद राकेश टिकैत एक बार फिर मजबूती के साथ उभरे हैं और इसका उदाहरण मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर पर देखने को मिला।