करवा चौथ पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को पूजा करने के बाद उन्हें चांद निकलने का इंतजार रहता है। लेकिन जब मौसम ने साथ नहीं दिया, तो कई महिलाओं ने मोबाइल पर चंद्रमा की तस्वीर देखकर व्रत का पारण किया।
दिल्ली समेत देशभर में गुरुवार को करवा चौथ का त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा की। लेकिन लखनऊ, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के कारण चांद देखने में परेशानी हुई। जिसके चलते महिलाओं ने ऑनलाइन या फिर मोबाइल पर देखकर चांद की पूजा की।
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करवा चौथ
- फोटो : पीटीआई, आईएएनएस
खराब मौसम के चलते चांद का इंतजार कर रही महिलाएं ऑनलाइन चंद्रमा के दर्शन किए। कई महिलाओं ने मोबाइल पर चांद की तस्वीर और वीडियो देखकर पूजा की। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं अब अर्घ्य देकर व्रत खोला।
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करवा चौथ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ज्योतिषी और वास्तु एक्सपर्ट मान्या का कहना है कि करवा चौथ का चांद रात 8:17 बजे निकलने की उम्मीद है। उन्होंने बादल छाए रहने पर महिलाओं को सलाह दी गई थी कि तय समय के अनुसार विधि-विधान से व्रत खोलें। उन्होंने बताया कि जो महिलाएं अपने पार्टनर से दूर हैं, वे फोटो या वीडियो कॉल के माध्यम से अपना व्रत खोल सकती हैं।
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करवा चौथ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
झारखंड के जमशेदपुर में आर्य समाज ने करवा चौथ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। महिलाओं ने दिन भर व्रत रखा और पारंपरिक रस्में निभाईं। उन्होंने अपने पतियों की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की।
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करवा चौथ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
पंजाब के मोहाली में करवा चौथ से पहले बाजारों में काफी चहल-पहल रही। महिलाएं इस त्योहार के लिए पूरे उत्साह के साथ खरीदारी करती दिखीं। यह त्योहार न केवल भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि इसमें पतियों का सहयोग भी देखने को मिलता है।
राजस्थान के बीकानेर से लेकर मध्य प्रदेश के राजगढ़ तक में करवा चौथ की खरीदारी के लिए बाजारों में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। राजस्थान के अजमेर में ऋषि घाटी में 150 वर्ष पुराने चौथ माता मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाएं करवा चौथ की रस्में निभाने, अपने पतियों की लंबी उम्र की प्रार्थना करने, शादीशुदा जिंदगी और परिवार की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए इकट्ठा हुईं।
वहीं, राजस्थान के भरतपुर में अपने घर आश्रम में 150 से अधिक महिलाएं अलगाव और अपने परिवारों के साथ पुनर्मिलन को लेकर अनिश्चितता के बावजूद अपने पतियों की सलामती के लिए प्रार्थना करते हुए करवा चौथ मनाती दिखीं। पंजाब के कपूरथला में महिलाएं करवा चौथ की रस्में निभाने और व्रत की पारंपरिक कथा सुनने के लिए श्री सत्य नारायण मंदिर में एकत्रित हुईं।