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विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना की ताकत: आईएफआर में 70+ देशों ने देखा भारत का समुद्री दम, मुर्मू ने किया अवलोकन

Wed, 18 Feb 2026 08:23 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापत्तनम

सार

विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 (आईएफआर) में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय नौसेना की ताकत का अवलोकन किया। 70 से अधिक देशों की भागीदारी के बीच युद्धपोतों और पनडुब्बियों का प्रदर्शन हुआ, जिसने भारत को वैश्विक समुद्री सुरक्षा में उभरती मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित किया।

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राष्ट्रपति मुर्मू ने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का अवलोकन किया - फोटो : PTI

विशाखापत्तनम में बुधवार से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) भारतीय नौसेना की ताकत और वैश्विक समुद्री सहयोग का प्रमुख मंच बन गया है। इस दौरान भारतीय नौसेना के प्रमुख युद्धपोत और पनडुब्बियों के साथ-साथ मित्र देशों के जहाज और प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का अवलोकन किया। साथ ही गार्ड ऑफ ऑनर की समीक्षा भी की। बता दें कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। यह आयोजन भारत के बढ़ते समुद्री दृष्टिकोण और विश्वस्तरीय नौसैनिक सहयोग को दर्शाता है।

इतना ही नहीं आईएफआर ने दुनिया को यह दिखाया कि भारत वैश्विक समुद्री सहयोग और सुरक्षा में एक मजबूत और भरोसेमंद शक्ति के रूप में उभर रहा है। आईएफआर एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें राष्ट्रपति भारतीय नौसेना की ताकत का अवलोकन करते हैं और दोस्त देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों की क्षमताओं को भी देखते हैं।

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विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू - फोटो : PTI
राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय फ्लीट को लेकर क्या कहा?
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू समुद्री परंपराओं के प्रति राष्ट्रों की एकता, विश्वास और सम्मान को दर्शाती है। विभिन्न ध्वजों वाले जहाज और विभिन्न देशों के नाविक एकजुटता की भावना का प्रदर्शन करते हैं।  उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एकजुटता की यह भावना इस रिव्यू की थीम 'यूनाइटेड थ्रू ओशंस' में बखूबी समाहित है। यह वैश्विक समुदाय के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि इस सामूहिक नौसैनिक शक्ति की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प सभी चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

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विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू - फोटो : PTI
मुर्मू ने 'वसुधैव कुटुंबकम' का किया जिक्र
राष्ट्रपति ने कहा कि समुद्री कार्यक्षेत्र सहित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति भारत का दृष्टिकोण 'वसुधैव कुटुंबकम' के हमारे आदर्शों से प्रेरित है। यह दृष्टिकोण इस ज्ञान को दर्शाता है कि वैश्विक सुरक्षा और विकास, स्थिरता और स्थायित्व साझेदारी के माध्यम से ही संभव हैं। मुर्मू ने आगे इस बात पर जोर दिया कि साझेदारी की यह भावना एक स्थायी वैश्विक व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए, भारत का मानना है कि एक सुदृढ़ समुद्री व्यवस्था समान विचारधारा वाले साझेदारों के बीच सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोगात्मक कार्रवाई पर आधारित है।

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विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू - फोटो : PTI
फ्लीट रिव्यू भारत के 'महासागर' के विजन को भी आगे बढ़ाती है- मुर्मू
उन्होंने कहा कि यह फ्लीट रिव्यू भारत के 'महासागर' के विजन को भी आगे बढ़ाती है, जिसका अर्थ है 'क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और व्यापक समुद्री क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना की इकाइयां समुद्र में उत्पन्न होने वाले खतरों और चुनौतियों के विरुद्ध प्रतिरोध और रक्षा के विश्वसनीय साधन के रूप में कार्य करती हैं।



सबसे पहली सहायता प्रदान करती है भारतीय नौसेना- मुर्मू
मुर्मू ने आगे कहा कि मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय भारतीय नौसेना अक्सर सबसे पहले सहायता प्रदान करती है और करुणा तथा दक्षता के साथ त्वरित मदद उपलब्ध कराती है। भारतीय नौसेना विश्वभर की नौसेनाओं के साथ सद्भावना को बढ़ावा देने तथा विश्वास और मित्रता के सेतु बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



इसके साथ ही राष्ट्रपति ने मित्र देशों की विदेशी नौसेनाओं के अधिकारियों और नौसैनिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने देशों और सेवाओं की सर्वोत्तम परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और सक्षमता वे आधारशिलाएं हैं, जिन पर सामूहिक समुद्री सुरक्षा टिकी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि फ्लीट रिव्यू में उनकी उपस्थिति ने हमारे विश्वास के बंधन को और मजबूत किया है तथा समुद्र में शांति, स्थिरता और सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस फ्लीट रिव्यू में प्रतिनिधित्व करने वाली सभी नौसेनाएं मिलकर महासागरों को वैश्विक समुदाय के विकास, समृद्धि और समग्र कल्याण के द्वार के रूप में विकसित करने में योगदान देंगी।
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विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू - फोटो : PTI
85 हजार जहाजों ने इस फ्लीट में लिया हिस्सा
भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मु ने स्वदेश में निर्मित ऑफशोर पेट्रोल वेसल आईएनएस सुमेधा से फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण किया। इस अवसर पर आईएनएस सुमेधा को अशोक चिह्न से सजाया गया था और मस्तूल पर राष्ट्रपति का ध्वज फहराया गया। 150 सैनिकों की टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी के बाद राष्ट्रपति आईएनएस सुमेधा पर सवार हुईं और विशाखापत्तनम तट के पास लंगर डाले 52 जहाजों के बेड़े का निरीक्षण किया।

इस फ्लीट रिव्यू में कुल 85 जहाजों ने भाग लिया, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत शामिल थे। यह समुद्री सहयोग के बड़े पैमाने और विविधता को दर्शाता है। भारतीय बेड़े में भारतीय नौसेना के 60 जहाज, भारतीय तटरक्षक बल के चार पोत और शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसन टेक्नोलॉजी के एक-एक जहाज शामिल थे।

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विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू - फोटो : PTI
गौरतलब है कि विशाखापत्तनम में यह दूसरा मौका है जब आईएफआर आयोजित किया गया है, पहला आयोजन 2016 में हुआ था। इस बार कार्यक्रम में 100 से अधिक देश भाग ले रहे हैं, जिनके जहाज, पनडुब्बियां, विमान और प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं। यह आयोजन विश्व स्तर पर नौसैनिक शक्ति, सहयोग और भारत के बढ़ते समुद्री दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।

मिलान अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना है, जिसमें ऑपरेशनल इंटरैक्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की ताकत और वैश्विक समुद्री सुरक्षा में भारत के योगदान को उजागर करता है।

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