फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी के बाद पहली बार बदलेगा इंडियन आर्मी का स्वरूप, ये होंगे बड़े बदलाव

Thu, 31 Aug 2017 01:11 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
विज्ञापन
1 of 8
चीन और पाकिस्तान के साथ तनातनी के बीच इंडियन आर्मी ने ब्रिटिश शासन के समय के आर्मी के स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। रक्षा मंत्रालय की शेकातकर समिति ने सशस्त्र बलों के पास नए बदलावों के लिए 99 सिफारिशें भेजी थीं, जिनमें से 65 सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई है।
विज्ञापन

2 of 8
जो बदलाव किए जाने हैं उन्हें 31 दिसंबर 2019 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इन बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण बात 57 हजार अफसरों, जेसीओ और अन्य रैंक के कर्मियों के साथ सिविलियन कर्मचारियों की नियुक्ति है।
विज्ञापन

3 of 8
इन सबका इस्तेमाल ऑपरेशनल तैयारियों के लिए किया जाएगा। हालांकि रक्षामंत्री ने किसी घटना से प्रेरित होकर वॉर प्रिपरेशन से इनकार किया है, उनके मुताबिक ये बदलाव इंडियन आर्मी को भविष्य को ध्यान में रखकर मजबूत करने के लिए हैं।

4 of 8
57 हजार सैन्य अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) एवं अन्य रैंक के कर्मियों एवं असैन्य कर्मियों को फिर से तैनाती दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि 32 हजार असैन्य कर्मियों को भी फिर से तैनात किया जाएगा। इसके बाद सिग्नल कोर में सुधार किया जाएगा।
विज्ञापन

5 of 8
इसके साथ ही सैन्य फर्मों, आर्मी पोस्टल प्रतिष्ठान और बेस वर्कशॉप को बंद करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी ने 39 फर्मों को बंद करने का फैसला कर लिया है। इन्हें समयबद्ध कार्यक्रम के तहत बंद किया जा रहा है।
विज्ञापन

6 of 8
सप्लाई एवं परिवहन सुविधाओं में सुधार संबंधी सिफारिशों को भी लागू किया जाएगा। क्लर्क स्टाफ और ड्राइवरों की नियुक्ति के मानक कड़े किए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर की क्षमता बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।
विज्ञापन

7 of 8
लेफ्टिनेंट जनरल डी बी शेकातकर की अध्यक्षता में पिछले साल मई में एक समिति का गठन किया गया था। उसे सेना की ‘टूथ टू टेल’ अनुपात में सुधार के लिए सुझाव देने को कहा गया था।
विज्ञापन

8 of 8
सेना की भाषा में प्रत्येक लड़ाकू सैनिक (टूथ) के पीछे सप्लाई और मददगार कर्मियों (टेल) की संख्या को ‘टूथ टू टेल’ अनुपात कहा जाता है। समिति ने पिछले साल दिसंबर में अपनी रिपोर्ट दी थी। इसमें 99 सिफारिशें की गई थीं जिनमें से 65 को सरकार ने मान लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें