दिल दुखा है लेकिन टूटा तो नहीं है, उम्मीद का दामन छूटा तो नहीं है...
हम भारतीयों ने साल 2019 में एक सपना देखा और अपनी मेहनत के दम पर उसे साकार करने के बेहद करीब भी पहुंचे। सात सितंबर 2019 की रात को हम बस चांद छूने ही वाले थे, लेकिन आखिरी क्षणों में चंद्रयान—2 की क्रैश लैंडिंग से सपना टूट गया। इस एक घटना से करोड़ों भारतीयों का दिल दुखा जरूर, लेकिन हौसला नहीं टूटा। और हमने चंद्रयान—3 की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
साल 2019 को चंद्रयान-2 की वजह से याद किया जाएगा। 2019 में कई बड़ी घटनाएं घटीं जिनमें भारत का मिशन चंद्रयान-2 भी शामिल है। इतिहास रचने से चंद कदम पहले यानी विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग से सिर्फ डेढ़ मिनट पहले भारत का सपना अधूरा रह गया था।