अर्थव्यवस्था अब तेजी से सुधार की ओर बढ़ रही है।
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पहले जानते हैं भारत की अर्थव्यवस्था कहां तक पहुंची?
1947 में जब भारत आजाद हुआ था, तब देश की जीडीपी 2.7 लाख करोड़ रुपये थी और ये दुनिया की जीडीपी के तीन फीसदी से भी कम थी। आज देश की जीडीपी 55 गुना बढ़कर 150 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। दुनियाभर की जीडीपी में भारत का हिस्सा 10 फीसदी से भी ज्यादा है। इन 75 साल में सिर्फ तीन मौके ऐसे आए, जब भारत की जीडीपी बढ़ने की बजाय घटी हो। पहली बार 1965 में। तब भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था। दूसरी बार 1979 और तीसरी बार 2020 कोरोना महामारी के दौरान।
अगर 1960 से 2021 तक के जीडीपी ग्रोथ पर नजर डालें तो 1966 से पहले औसतन चार फीसदी की रफ्तार से जीडीपी बढ़ती थी। 2015 के बाद से अब लगातार छह फीसदी से ज्यादा जीडीपी की ग्रोथ रेट रही है।
ऐसे अर्थव्यवस्था में होता रहा बदलाव
- 1947 से 1980 तक देश की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ नौ फीसदी से लेकर -5 फीसदी तक रही। यानी कई बार इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिले।
- 1981 से 1991 के बीच एक बार तो ग्रोथ रेट शून्य से भी नीचे पहुंच गई। अधिकतम ग्रोथ नौ फीसदी तक दर्ज हुई।
- 1992 से 2019 तक अर्थव्यवस्था का विकास दर चार से आठ फीसदी तक बनी रही। इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर हुई और मजबूत भी।