फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला प्राचीन भारतीय त्योहार होली देश के अलग-अलग हिस्सों में कई नामों से जाना जाता है। कहा जाता है कि होली आनंदोत्सव का त्योहार है। बुराई पर अच्छाई की विजय का, असत्य पर सत्य और शत्रुता पर मित्रता की स्थापना का यह पर्व पूरे भारत में श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है। होली पर रंगों का विशेष महत्व है। जानिए इसकी खूबियां-
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होली के रंग
- फोटो : social media
लाल रंग - शक्ति और त्याग को प्रदर्शित करता यह रंग हमारे अंदर के उत्साह को दर्शाता है। यह रंग उर्जा, साहस, उत्तेजना सहित उत्साह और पराक्रम को दर्शाता है। यह रंग देवी साधना में भी प्रयोग में आता है। इसलिए इसका विशेष महत्व है। लाल रंग हमें निस्वार्थ भाव से काम करने की प्रेरणा प्रदान करता है।
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होली के रंग
हरा- शीतलता, हरियाली और सकारात्मकता को प्रदर्शित करता यह रंग हमारे जीवन में खुशियों का संचार करता है। इसे सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। हरा रंग मानव को शीतलता प्रदान करता है। इसे प्रकृति का सबसे प्रेरक रंग भी माना जाता है।
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होली के रंग
नीला- इस रंग को फेंगशुई में सकारात्मकता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह रंग हमें आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाता है। कहा जाता है कि यदि नीले रंग का घर में ज्यादा प्रयोग किया जाए तो घर में सकारात्मकता का प्रसार होता है। यह रंग इच्छापूर्ति में भी मदद करता है।
पीला- यह शुभ रंग हिंदू धर्म के सभी त्योहारों और मांगलिक कार्यों में जरुर प्रयोग किया जाता है। कहा जाता है कि यह रंग उर्जा पैदा करने वाला है। यह शुभ, आरोग्य, शांति और धन को प्रदर्शित करता है। पीले रंग का संबंध देवगुरु बृहस्पति और सूर्य से है। जो मन में धनात्मक उर्जा का प्रवाह करती है।