बाल ठाकरे (फाइल फोटो)
शिवसेना के गठन के समय बाला साहेब ठाकरे ने नारा दिया था, 'अंशी टके समाजकरण, वीस टके राजकरण' (80 प्रतिशत समाज और 20 फीसदी राजनीति)। लेकिन भूमिपुत्र का मुद्दा लंबे समय तक नहीं चल सका। इसपर समर्थन कम होने के कारण शिवसेना ने हिन्दुत्व के मुद्दे को अपना लिया, जिसपर वह अब तक कायम है।