सोमनाथ के त्रिवेणी संगम पर आरती करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।
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महिलाओं की आर्थिक शक्ति का केंद्र
सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव के अभिषेक में प्रतिदिन उन्हें विशेष पगड़ी पहनाई जाती है। यह विशेष पगड़ी 50 से 52 विशेष धोती का उपयोग किया जाता है। भगवान शिव को चढ़ाने के लिए यह पगड़ी स्थानीय महिलाओं के द्वारा बनाई जाती है। इस तरह से उन्हें रोजगार प्राप्त होता है। लेकिन जब यह पगड़ी भगवान शिव को चढ़ा दी जाती है, उसके बाद इसे उतारा जाता है, तब इसकी सभी धोतियों को ट्रस्ट की सखी महिलाएं बड़ी ही सावधानी से अलग करती हैं। इन धोतियों से विशेष कुर्ते बनाए जाते हैं। इन कुर्तों को गुजरात के 12 आदिवासी जिलों में आदिवासियों को मुफ्त वितरित किया जाता है। इसी प्रकार माता पार्वती को चढाई गई साड़ियां आदिवासी महिलाओं को मुफ्त वितरित की जाती हैं। इससे एक तरफ तो इन धोतियों-साड़ियों को बनाने वाली महिलाओं को रोजगार प्राप्त होता है, वहीं दूसरी तरफ आदिवासियों को पहनने के लिए मुफ्त कपड़े उपलब्ध हो जाते हैं। इस तरह सोमनाथ मंदिर इस सौराष्ट्र क्षेत्र में पूरे समाज की आर्थिक गतिविधियों का न केवल केंद्र बन गया है, बल्कि यह समाज के आदिवासियों और अन्य लोगों को आपस में जोड़ने का काम भी कर रहा है।