पाठकों से 'हिंदी पत्रकारिता' साझा कर रहीं कुछ अपनी बातें!
Tue, 30 May 2017 09:23 PM IST
मैं हिंदी पत्रकारिता हूं मैं आपको कुछ बताना चाहती हूं।
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30 मई को मेरा दिन होता है। हिंदी पत्रकारिता दिवस!
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मेरा पहला अखबार उदन्त मार्तंड 30 मई 1826 में कोलकाता से अंग्रेजों के जमाने में आया।
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मेरे पहले संपादक जुगलकिशोर शुक्ल थे। संपादक जी मूलरूप से कानपुर के थे।
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उदन्त मार्तंड डेढ़ साल ही चल सका, लेकिन उसके बाद मेरा नव निर्माण हुआ, मेरे अखबार फलने-फूलने लगे।
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गूगल बाबा ने बताया कि वर्तमान में देश में करीब 82 हजार अखबार चल रहे हैं, जिनमें मेरे लगभग 33 हजार हैं।
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गूगल बाबा ने यह भी बताया कि देश में 117 बड़े समाचार चैनल हैं जिनमें 22 मेरे ही हैं।
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देश में सबसे ज्यादा मेरे अखबार पढ़े जाते हैं। भारत के शीर्ष दस अखबारों में पांच मेरे अखबार है। पहले और दूसरे नंबर पर मैं ही आती हूं।
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मेरी बहनों उर्दू और फारसी को मैं बहुत पसंद हूं, इसलिए वे मेरे साथ चल देते हैं। कुछ लोगों को ये साथ पसंद आ रहा है तो कुछ को नापसंद।
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अब अंग्रेजी ने भी मुझसे दोस्ती बढ़ा ली है। वह मेरी खबरों का भी अनुवाद करने लगी है।
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मैं दिन प्रतिदिन डिजिटल हो रही हूं और मेरे अखबार इंटरनेट पर दुनिया भर में पढ़े जा रहे हैं। सोशल मीडिया ने मेरी पहुंच बढ़ा दी है।
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गूगल बाबा बताते हैं कि हिंदी दुनिया में तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बोली जाती हैं, इसलिए मैं अपना सुनहरा भविष्य देख पा रही हूं।
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देश और दुनिया के एक बड़े हिस्से में आज लोग मुझसे दिन की शुरुआत करते हैं और सुबह की चाय की चुस्कियां लेते वक्त मुझे छोड़ना नहीं चाहते।
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मेरे चाहने वालों को मेरा धन्यवाद! मुझसे ऐसे ही प्यार करते रहें!