फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exit Poll: कितने सही साबित होते हैं एग्जिट पोल, 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में किसका क्या था अनुमान?

Mon, 05 Dec 2022 02:09 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हम आपको 2017 के एग्जिट पोल के बारे में बताने जा रहे हैं। तब तमाम एजेंसियों ने क्या-क्या दावे किए थे? किसका दावा कितना सही निकला और कितना गलत? इस बार के एग्जिट पोल में क्या हो सकता है? आइए समझते हैं...
विज्ञापन
1 of 7
गुजरात चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
गुजरात में आज आखिरी चरण का मतदान चल रहा है। इसके बाद आठ दिसंबर तक नतीजों का इंतजार करना पड़ेगा। इसी दिन गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और अन्य पांच राज्यों की छह विधानसभा और एक लोकसभा सीट के नतीजे भी घोषित होंगे। 

हालांकि, आज शाम साढ़े पांच बजे के बाद तमाम एग्जिट पोल की रिपोर्ट आने लगेगी। इसमें ये बताया जाएगा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में किस पार्टी की सरकार बन सकती है? किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? क्या भारतीय जनता पार्टी दोबारा दोनों राज्यों में सरकार बनाने में कामयाब होगी या  कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में से कोई  बदलाव लाने में सफल होगा? 

सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल की रिपोर्ट आप सबसे पहले Amar Ujala Mobile App और amarujala.com पर देख सकते हैं। सभी एग्जिट पोल का औसत यानी पोल ऑफ पोल्स में कहां किसकी सरकार बन सकती है। ये भी हम आपको बताएंगे। चुनाव के दौरान आने वाले ओपिनियन पोल से चुनाव बाद के एग्जिट पोल कितने बदले। किन राज्यों में सत्ता बदल सकती है। कहां मौजूदा सरकार पर लोग फिर से भरोसा जता सकते हैं। ये सब आपको Amar Ujala Mobile App और amarujala.com पर मिलेगा।

खैर, अभी हम आपको 2017 के एग्जिट पोल के बारे में बताने जा रहे हैं। तब तमाम एजेंसियों ने क्या-क्या दावे किए थे? किसका दावा कितना सही निकला और कितना गलत? इस बार के एग्जिट पोल में क्या हो सकता है? आइए समझते हैं...
 
विज्ञापन

2 of 7
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
2017 में गुजरात के लिए एग्जिट पोल में क्या हुए थे दावे? 
पांच साल पहले यानी 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी तमाम एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किया था। इसमें ज्यादातर ने दावा किया था कि गुजरात में भाजपा की सरकार बन रही है। हालांकि, सीटों का अनुमान जरूर सबने अलग-अलग किया था। सबसे सटीक अनुमान इंडिया टुडे एक्सिस का था। इसके अनुसार, भाजपा को 99 से 113 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। वहीं, कांग्रेस को 68 से 82 सीटें दी गई थीं। 
 
विज्ञापन

3 of 7
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
एबीपी न्यूज-सीएसडीएस एग्जिट पोल में भी पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सत्ता में वापसी का अनुमान लगाया गया था। एग्जिट पोल में भाजपा को 117, कांग्रेस को 64 और अन्य के खाते में एक सीट दी गई थी। इस पोल में दावा किया गया था कि भाजपा 2012 के मुकाबले बड़ी जीत हासिल करेगी। 2012 में भाजपा को 115 सीटें मिली थीं। 
 

4 of 7
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
रिपब्लिक जन की बात ने भाजपा को 115 से 130 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान जताया था। वहीं, कांग्रेस को 50 से  65 सीटें मिलने का दावा किया गया था। टाइम्स नाऊ VNR के सर्वे ने भाजपा को 108 से 118, कांग्रेस को 61 से 71 सीटें दी थीं। Zee Axis के सर्वे में भाजपा को 111, कांग्रेस को 71 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। 
 
विज्ञापन

5 of 7
गुजरात चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
TV9 सी वोटर ने भाजपा को 109, कांग्रेस को 74 सीटें दीं थीं। वीडीपी एसोसिएट्स ने भाजपा को 142, कांग्रेस को 37 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। अन्य के खाते में तीन सीटें दी थीं। इसके अलावा सीएनएक्स समय ने भाजपा को 110 से 120 और कांग्रेस को 65 से 75 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। टुडे चाणक्य ने भाजपा को 135, कांग्रेस को 47 सीटें दी थीं। निर्माणा टीवी गुजराती ने भाजपा को 104 और कांग्रेस को 74 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। सी वोटर ने भाजपा को 108, कांग्रेस को 74 सीटें दी थीं। 
 
विज्ञापन

6 of 7
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
गुजरात में पिछली बार नतीजे क्या निकले? 
पिछली बार सभी एजेंसियों ने गुजरात में भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था। ये सही निकला। हालांकि, सीटों का अनुमान जरूर थोड़ा कम और ज्यादा निकला। 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 के मुकाबले भाजपा को 16 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था। वहीं, कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 के मुकाबले कांग्रेस को 16 सीटों का फायदा मिला था। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 
राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय कुमार सिंह कहते हैं, 'एग्जिट पोल एकदम सटीक नहीं होते हैं। पोल के नतीजों और असली नतीजों में अंतर हो सकता है। कई बार पोल बिल्कुल गलत साबित होते हैं तो कई बार नतीजे आसपास ही आते हैं। ऐसा तब होता है जब ज्यादा सैंपल लिए जाते हैं। ज्यादा सैंपल लिए जाने पर पोल के सही होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में सर्वे की टीम नहीं पहुंच पाती है। इसके चलते इन पोल्स पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें