फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 Facts: जानिए क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

Tue, 18 Oct 2016 04:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डेमो पिक
समान नागरिक संहिता  या यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ एक पंथनिरपेक्ष (सेक्युलर) कानून होता है जो सभी धर्म के लोगों के लिये समान रूप से लागू होता है।

समान नागरिक संहिता का उल्लेख भारतीय संविधान के भाग 4 के अनुच्छेद 44 में है। इसमें नीति-निर्देश दिया गया है कि समान नागरिक कानून लागू करना हमारा लक्ष्य होगा।
विज्ञापन

2 of 5
डेमो पिक
समान नागरिकता संहिता सियासी मुद्दा रहा है, जिससे वोट बैंक बनते-बिगड़ते रहे हैं। इस सिलसिले में 1985 का शाह बानो केस अहम माना जाता है।

इसमें सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि 60 साल की शाह बानो तलाक के बाद अपने पति से गुजारा भत्ता पाने की हकदार हैं। लेकिन, मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के कड़े विरोध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संसद के जरिए इस फैसले को पलटवा दिया।
विज्ञापन

3 of 5
डेमो पिक
यह किसी भी धर्म या जाति के सभी निजी कानूनों से ऊपर होता है। विश्व के अधिकतर आधुनिक देशों में ऐसे कानून लागू हैं।

इसके तहत संपत्ति में अधिकार, शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, बच्चा गोद लेने और वारिस तय करने जैसे विषयों पर सभी के लिए एक कानून होगा।

4 of 5
डेमो पिक
भारत में इस समय संपत्ति के अधिग्रहण और संचालन का अधिकार, गोद लेना और तलाक के नियम हिंदुओं, मुसलमानों और ईसाइयों के लिए अलग-अलग हैं।

भारत में मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड इसे इस्लामी नियमों और सिद्धातों में हस्तक्षेप बताते हुए इसका विरोध करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेमो पिक - फोटो : amar ujala
दूसरा पक्ष तीन तलाक जैसे मुद्दों का विरोध करते हुए कहता है कि ऐसे मुद्दों का एक हल समान नागरिक संहिता ही है।

बाद में एक अन्य फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इद्दत की अवधि के बाद मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता दिए जाने का फैसला सुनाया। बताते चलें कि इद्दत तलाक के बाद की वो अवधि होती है जिसमें महिला दूसरी शादी नहीं कर सकती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें