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अपनी सादगी के लिए मशहूर प्रणब दा की अंतिम यात्रा भी रही बेहद शालीन, तस्वीरों में देखें

Tue, 01 Sep 2020 06:42 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • राष्ट्रपति कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक नेताओं ने प्रणब मुखर्जी को उनके आवास पर दी श्रद्धांजलि
  • पूरे राजकीय सम्मान के साथ प्रिय नेता को राष्ट्र ने दी विदाई
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए - फोटो : PTI
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर मंगलवार को अपने पांच मूल तत्त्वों में विलीन हो गया। इसके साथ ही भारतीय राजनीति का एक अध्याय संपूर्ण हो गया। पूरे जीवन अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए चर्चा में रहने वाले प्रणब दादा की अंतिम यात्रा भी उतनी ही सादगीपूर्ण रही।

कोरोना के कारण उनकी अंतिम यात्रा में बेहद सीमित संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा में उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी के अलावा परिवार के कुछ प्रमुख सदस्य शामिल हुए। अभिजीत मुखर्जी ने ही उन्हें मुखाग्नि दी। लोदी रोड शमशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पुष्प अर्पित करते हुए - फोटो : PTI

गणमान्यों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अनेक गणमान्य लोगों नेे उनके आवास 10, राजाजी मार्ग पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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लोदी रोड श्मशान घाट के बाहर - फोटो : Amar Ujala

हर पार्टी में समान रूप से आदरणीय

अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने लोदी रोड पहुंचे भाजपा के आंध्रप्रदेश इकाई के नेता एसके गालिब अहमद ने अमर उजाला से कहा कि प्रणब मुखर्जी की छवि एक ऐसे नेता की रही है, जो हर पार्टी में समान रूप से आदरणीय थे। यह सम्मान सिर्फ ऊंचे पद से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसके लिए आपको सबको सम्मान देने और सबकी बात सुनने की कला आनी चाहिए।

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लोदी रोड शमशान घाट के अंदर - फोटो : AmarUjala

भारतीय राजनीति के संकट मोचक!

प्रणब मुखर्जी की यही बात उन्हें सबके करीब ला देती थी। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ कांग्रेस के ही संकट मोचक नेता नहीं थेे, बल्कि भारतीय राजनीति के भी संकट मोचक नेता थे क्योंकि उन्हीं के काल में देश ने अनेक आर्थिक और वैश्विक समस्याओंं से मुक्ति पाई थी। देश अपने इस सपूत को हमेशा याद रखेगा।
 
राजधानी का लोदी रोड शमशान घाट और निगम बोध घाट दो ऐसे प्रमुख घाट हैं, जहां सम्मानित नेताओं और महत्वपूर्ण लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है। नेताओं के साथ जुड़ी जनभावनाओं को देखते हुए ऐसे अवसरों पर मीडिया को भी अंतिम संस्कार की क्रियाओं को कवर करने की अनुमति दी जाती है। लेकिन कोरोना के चलते प्रणब दादा की अंतिम क्रिया में मीडिया की पहुंच मुख्य गेट के कुछ आगे तक ही सीमित कर दी गई थी।
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मास्क पहन कर डयूटी देते पुलिसकर्मी - फोटो : AmarUjala

फेस शील्ड और मास्क पहनकर ड्यूटी

शमशान घाट पर उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे सेना के जवान, दिल्ली पुलिस के जवान और ट्रैफिक व्यवस्था को संभाल रहे सभी जवान फेस शील्ड और मास्क पहनकर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसके अलावा मेडिकल यूनिट ने खुद को पीपीई किट से कवर कर रखा था। पू्र्व राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली पूरी यूनिट भी मास्क से अपने मुंह को ढके हुए थी।
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