क्रिकेट की दुनिया में ‘वेरी वेरी स्पेशल’ के नाम से मशहूर पूर्व टेस्ट क्रिकेटर पद्मश्री वीवीएस लक्ष्मण (वंगिपुरप्पु वेंकटसाई लक्ष्मण) ने शनिवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर एवं कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक करने के बाद वे सप्तर्षि आरती में भी शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने सपरिवार काशी के कोतवाल कालभैरव के दरबार में हाजिरी लगाई।
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- फोटो : ब्यूरो/ वाराणसी
वे संकटमोचन मंदिर में मत्था टेकने पहुंचे। इस दौरान बीसीसीआई की उच्चस्तरीय सलाहकार समिति के सदस्य लक्ष्मण ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और सवालों का जवाब देने से बचते रहे। मीडिया ने कालभैरव मंदिर और संकटमोचन मंदिर से दर्शन कर बाहर निकलने पर उन्हें घेरा और कोच के इंटरव्यू को लेकर रवि शास्त्री और सौरभ गांगुली से जुड़े सवाल पूछे मगर लक्ष्मण ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और मुस्कुराते हुए परिवार के साथ आगे बढ़ गए।
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- फोटो : ब्यूरो/ वाराणसी
दोपहर में उन्होंने परिवार के साथ मणिकर्णिका घाट पर संकल्प स्नान किया। स्नान के उपरांत उन्होंने नौका विहार का भी लुत्फ उठाया। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के भतीजे और आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स टीम की कमान संभाल चुके लक्ष्मण शुक्रवार की शाम वाराणसी पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी, बच्चे, ससुर और साली भी थे। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं जबकि पत्नी जीआर सेलजा कंप्यूटर इंजीनियर हैं।
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी के लिए विख्यात लक्ष्मण टीम इंडिया की बल्लेबाजी के आधार स्तंभ रहे हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 80 टेस्ट मैचों में 4878 रन बनाए हैं जबकि इस दौरान उन्होंने 86 एकदिनी मुकाबले में 2338 रन बटोरे। मालूम हो कि साल 2000 के आस्ट्रेलियाई दौरे में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त लक्ष्मण ने 281 रनों की ऐतिहासिक पारी खेल विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया था। फालोआन के बाद भी भारत को इस मैच में जीत हासिल हुई थी।