सूचना का मुख्य माध्यम सोशल मीडिया बनता जा रहा है। इसके आगे सबसे बड़ी चुनौती है फेक न्यूज का वायरल होना। आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सुपरमार्केट के अंदर एक जोड़े को स्टाफ के द्वारा बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के सुपरमार्केट में चीनी लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा फर्जी है।
असल में यह वीडियो उस समय का है जब ऑस्ट्रेलिया के एक सुपर मार्केट के अंदर बच्चों के पीने वाले फॉर्मूला मिल्क के डिब्बों की खरीदारी को लेकर आपस में दो लोगों की बहस हो गई। बात ये थी कि ऑस्ट्रेलिया के बिग डब्ल्यू सुपर मार्केट में एक व्यक्ति को सिर्फ दो ही बेबी फॉर्मूला मिल्क खरीदने की इजाजत थी, जबकि ये जोड़ा चार डिब्बे खरीद रहा था। जब ऐसा करते हुए दूसरे कस्टमर ने देखा तो इसका विरोध किया। इस बात को लेकर इन दोनों के बीच झगड़ा हो गया। जिसके बाद सुपर मार्केट के स्टाफ ने इस जोड़े को बाहर निकाल दिया। अमर उजाला की पड़ताल में यह दावा बिलकुल गलत निकला।
दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल वीडियो
क्या किया जा रहा है दावा- ऑस्ट्रेलिया के सुपरमार्केट्स में चीनी लोगों पर प्रतिबंध लगा है
जानिए क्या हो रहा है वायरल-
- यह वायरल वीडियो 42 सेकंड का है
- इसमें एक एशियाई जोड़े और एक अंग्रेजी जोड़े के बीच बहस होती दिखाई दे रही है
- जिसके बाद सुपरमार्केट का स्टाफ आता है और दोनों के मध्य हस्तक्षेप करता है, बाद में इस एशियाई जोड़े को सुपर मार्केट से बाहर निकाल देता है।
- वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन में लिखा है “Chinese not Allowed in Supermarkets in Australia. So it’s started.
- जिसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है “चीनी लोगों को ऑस्ट्रेलिया की सुपरमार्केट में जाने की इजाजत नहीं है।”
सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यानपूर्वक देखा,
वायरल पोस्ट पर लिखा है कि, ऑस्ट्रेलिया के सुपरमार्केट्स में चीनी लोगों पर प्रतिबंध लगा है।
- हमने सबसे पहले Invid टूल की मदद से इस वीडियो के स्क्रीन ग्रैब्स निकाले
- फिर उन कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करना शुरू किया।
- सर्च करने के दौरान हमारे हाथ dailymail.co.uk की एक खबर हाथ लगी, जिसमें इस बात का जिक्र था।
- यह खबर 11 अप्रैल को प्रकाशित हुई थी।
- खबर के मुताबिक, यह घटना मेलबर्न के एक बिग डब्ल्यू नामक स्टोर की है।
इस आर्टिकल के अनुसार, बिग डब्ल्यू स्टोर में एक जोड़े ने बेबी फॉर्मूला के चार डिब्बे ले लिए।
जब वे इनका पेमेंट करने काउंटर पर गए, तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आकर विरोध और हस्तक्षेप किया।
इसके बाद दोनों पक्षों में आपस में बहस हो गई, जिसके बाद शोर-शराबा सुनकर सुपरमार्केट के अधिकारी आ गए और अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए इस जोड़े को बाहर जाने को कहा।
हमने इस खबर को प्रामाणिक वेबसाइट पर सर्च करना शुरू किया।
गूगल पर न्यूज सर्च करने के दौरान हमें यह खबर
news.com.au पर भी मिली, जिसके मुताबिक यह साफ था कि
- यह सारा वाकया मेलबर्न के बिग डब्लू के लिलिडेल में स्थित सुपरमार्केट का है
- जहां ईस्टर वीकेंड का समय था और इस जोड़े को दो से अधिक फॉर्मूला मिल्क खरीदते हुए पाया गया था जबकि बिग डब्लू के स्टोर में हर सामान को खरीदने की एक सीमा थी।
- जिसके चलते एक व्यक्ति सिर्फ 2 ही फॉर्मूला मिल्क खरीद सकता था।
- ऐसे में जब सुपरमार्केट के स्टाफ ने इस जोड़े को 2 से अधिक फॉर्मूला मिल्क खरीदने के लिए टोका तो इस जोड़े ने लड़ना शुरू कर दिया।
- जिसकी वजह से काउंटर पर लगी लाइन में खड़े लोगों ने इस जोड़े को फॉर्मूला मिल्क वापस रख देने के लिए बोला।
- इस पर ये जोड़ा लोगों पर भड़क गया।
- इसके बाद सुपरमार्केट स्टाफ ने बीच बचाव किया और इस जोड़े को तुरंत सुपरमार्केट से बाहर जाने को कहा गया।
- और यह साफ किया कि बिग डब्लू के किसी भी स्टोर में नस्लीय भेदभाव नहीं किया जाता है। बात सिर्फ नियम तोड़ने की थी।
- जिसको गलत तरह से वायरल किया गया।
इस बात की मजबूत पुष्टि के लिए पूरे इंटरनेट पर इस मामले को सर्च किया कि क्या ऐसा कुछ हुआ है और क्या ऑस्ट्रेलिया में सुपरमार्केटस में किसी विशेष नस्ल या देश के लोगों को जाने पर हाल -फिलहाल पाबंदी लगाई है। अमर उजाला को किसी भी तरह की ऐसी कोई खबर किसी भी प्लेटफार्म पर नहीं मिली, जहां पर ऐसा लिखा हो कि ऑस्ट्रेलिया के किसी भी सुपरमार्केट में चीनी नागरिकों के जाने पर प्रतिबंध लगा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस वायरल वीडियो और इसका दावा फर्जी है। इसका किसी भी असली सूचना से कोई ताल्लुक नहीं है। गलत डिस्क्रिप्शन के साथ इसे वायरल किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के सुपर मार्केट में इस तरह का कोई भी प्रतिबंध नहीं लगा है।
कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search
-InVID Tool For Video