हादसे स्थल पर दमकलकर्मी और पुलिस
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चश्मदीदों ने क्या बताया?
बांग्लादेशी नागरिक ने कहा कि जान बचाने के लिए भागते समय वह अपना कोई भी सामान नहीं बचा सका। बीरभूम निवासी एजाज अहमद, जो मंगलवार शाम को होटल में चेक-इन हुए थे। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए अग्निशमन कर्मियों को धन्यवाद दिया।
अहमद ने कहा, 'अंधेरे में बाहर निकलने का रास्ता ढूंढने की कोशिश करते समय अग्निशमन विभाग के दो अधिकारियों ने मुझे ऊपरी मंजिलों से नीचे उतरने और इमारत से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।' वहीं, एक स्थानीय निवासी ने बताया कि स्थिति भयावह थी क्योंकि इमारत के अंदर फंसे लोग आग की लपटों के बीच लगातार मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। उन्होंने कहा,'यह किसी हॉरर फिल्म के दृश्य जैसा था।'