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अब तो हो जाइए सावधान, सीजनल फ्लू से कहीं ज्यादा खतरनाक है कोरोनावायरस

Thu, 05 Mar 2020 05:16 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाहर एक दवा की दुकान पर कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क पहने हुए लोग। - फोटो : PTI
चीन से फैले कोरोनावायरस ने दुनियाभर के कई देशों में अपने पैर पसार लिए हैं। भारत में भी कोरोनावायरस के कुल 30 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि अधिकांश लोगों को कोरोनावायरस के बारे में खास जानकारी नहीं है। कई लोग अब भी इसे सीजनल फ्लू समझ रहे हैं जबकि दोनों अलग हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी 81 फीसदी रोगियों में सामान्य लक्षण दिखे हैं। जबकि 14 फीसदी में गंभीर तरह के लक्षण दिखे हैं। वहीं 5 फीसदी रोगी गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं।

भारत में फिलहाल यह है स्थिति
भारत में अब तक कोरोनावायरस के 30 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से 14 भारतीय और 16 विदेशी नागरिक शामिल हैं। 14 भारतीयों में से केरल में मिले तीन को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी 11 मरीजों में दिल्ली, तेलंगाना, जयपुर और गुड़गांव में एक-एक मरीज हैं। वहीं आगरा में एक ही परिवार के छह मरीज मिले हैं और इनके संपर्क में आए 25 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है।

अभी कोई इलाज नहीं
कोरोना की फिलहाल कोई दवा नहीं है, हालांकि कई परीक्षण चल रहे हैं। फ्लू की चार दवाइयां पहले से हैं। लक्षण सामने आने के 24 से 48 घंटे के अंदर दवा लेने से राहत मिल सकती है।

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नई दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल के बाहर दवा की दुकान पर कोरोनावायरस से बचाव के लिए लोगों ने मास्क पहने रखे थे। - फोटो : PTI
सीजनल फ्लू
  • पीड़ित व्यक्तियों में औसतन 0.1 फीसदी की जान जाती है।
  • हर मरीज औसतन 1.3 लोगों को में संक्रमण फैलाता है।
  • 65 से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा। पहले से बीमार हैं तो खतरा ज्यादा।
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कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क पहने लोग। - फोटो : PTI
कोरोनावायरस
  • केवल वुहान में इससे संक्रमित 2 प्रतिशत की मौत। पूरे चीन में आंकड़ा 1.4 फीसदी।
  • एक संक्रमित व्यक्ति औसतन 2.2 लोगों को संक्रमित करता है। 
  • प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर खतरा ज्यादा।

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न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में पैदल यात्री भी मास्क लगाकर ही सड़कों पर निकल रहे हैं। - फोटो : PTI
लक्षणों को समय रहते पहचानें
  • अचानक  बुखार। सांस लेने में तकलीफ।
  • बहुत अधिक खांसी और जुकाम होना।
  • शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी।
  • किडनी और लिवर में तकलीफ।
  • निमोनिया के लक्षण सामने आना।
  • पाचन क्रिया में तकलीफ शुरू होना।
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विशेष आयोजनों में भी लोग मास्क पहन रहे - फोटो : PTI
ऐसे कर सकते हैं बचाव
  • 3 से 6 फीट की दूरी बनाकर चलें भीड़भाड़ में।
  • बार-बार हाथ धोते रहें ताकि कीटाणु न फैल सकें।
  • सार्वजनिक वाहन से यात्रा के दौरान दस्ताने पहनें।
  • मुंह पर मास्क पहनकर रखें, नियमित बदलते रहें।
  • भीड़भाड़ या अस्पताल वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
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जांच के लिए अस्पतालों में लग रही लाइनें - फोटो : PTI
पांच बातों का रखें ध्यान
  • 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • बार-बार आंख, नाक, मुंह छूने से बचें।
  • संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले एन-95 मास्क पहनें।
  • सर्दी, जुकाम, बुखार, कफ की शिकायत पर अस्पताल जाएं।
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कोरोनावायरस - फोटो : PTI
छूने से भी फैलता है
  • कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है।
  • छींकने-खांसने के दौरान निकलने वाला तरल पदार्थ संक्रमण का माध्यम।
  • संक्रमित व्यक्ति की छुई चीजों जैसे दरवाजा या रेलिंग छूना भी खतरनाक।
  • कोरोना की चपेट में आने वाले व्यक्ति को 14 दिन तकलीफ रह सकती है।
  • कुछ मामलों में लक्षण नहीं दिखते और बीमारी नुकसान पहुंचाने लगती है।
  • सांस लेने में परेशानी, निमोनिया, किडनी फेल और फिर मौत।
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कोरोनावायरस का असर - फोटो : PTI
ऐसे होती है पहचान
  • रियल टाइम पॉलीमीरेज चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) से।
  • लार, कफ, या रक्त के नमूने की जांच से होती है पुष्टि।
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