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अगले बरस जल्दी आना: गुलाल, फूल और जयकारों के बीच बप्पा की विदाई, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंजा शहर

सार

मुंबई में अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर तक 430 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। विसर्जन के लिए 24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और 25 हजार बीएमसी कर्मचारी तैनात हैं। देखें तस्वीर
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मूर्ति विसर्जन - फोटो : पीटीआई
मुंबई में शुक्रवार को 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों और ढोल-ताशे की थाप से माहौल गूंज उठा। शहर में विसर्जन जुलूस निकले और भक्तों ने त्योहार के आखिरी दिन भगवान गणेश को भावुक विदाई दी।सार्वजनिक गणेश पंडालों में बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में पारंपरिक पूजा और आरती हुई। इसके साथ ही कई प्रमुख मंडलों के विसर्जन जुलूस में जोश भरे जयकारों, पारंपरिक संगीत और गुलाल व फूलों की पंखुड़ियों की बौछार हुए। 
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'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों गूंज शहर - फोटो : पीटीआई
अबतक कितने मूर्तियों का विसर्जन हुआ? 
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने बताया कि शहर में गणपति की मूर्तियां विसर्जन स्थलों पर पहुंचने लगी हैं। दोपहर तक कुल 430 मूर्तियों का विसर्जन किया गया। नगर निकाय ने बताया कि इनमें से आठ सार्वजनिक गणपति की मूर्तियां, 416 घरों में स्थापित मूर्तियां और छह देवी गौरी/हरतालिका की मूर्तियां थीं। बीएमसी ने अपनी ताजा जानकारी में कहा, 'दोपहर तक विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।'
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12 दिनों तक चलता है गणपति उत्सव - फोटो : पीटीआई

कितने दिनों तक चलता है यह उत्सव? 
12 दिनों तक चलने वाला गणपति उत्सव अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। जब भक्त हाथी के सिर वाले देवता की मूर्तियों को प्राकृतिक जलाशयों या कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करके उन्हें विदाई देते हैं। इस दिन मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में रंग-बिरंगे और जोश से भरे जुलूस निकाले जाते हैं। यह जश्न अक्सर देर रात से लेकर अगले दिन की सुबह तक चलता रहता है।

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अनंत चर्तुदशी - फोटो : पीटीआई
लालबाग-परेल इलाके में सड़कों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। रंगीन विसर्जन जुलूस और ‘पुष्पवृष्टि’ (गणपति की मूर्तियों पर फूलों की पंखुड़ियों की बारिश) देखने और त्योहार के माहौल का आनंद लेने के लिए जमा हुए। गणेशोत्सव के दौरान, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों से लोग मशहूर ‘लालबागचा राजा’ जैसे पंडालों के दर्शन करने के लिए लालबाग आते हैं।
 
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मूर्तियों पर हुए फूलों की बारिश - फोटो : पीटीआई
सुबह 11 बजे से पहले ही इलाके की सड़कों पर कई मशहूर गणपति मूर्तियों की शोभायात्राएं निकल चुकी थीं, जिनमें गणेश गली के 'मुंबाचा राजा', करी रोड के 'कैवारी', परेल के 'राजा', कालाचौकी के 'महागणपति' और तेजुकया मैंशन के गणपति शामिल थे। हालांकि, लालबाग के 'राजा' और चिंचपोकली के 'चिंतामणि' जैसे दूसरे मशहूर मंडलों की मूर्तियां तब तक अपने पंडालों से बाहर नहीं निकाली गई थीं।

 
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गणेश प्रतिमा - फोटो : पीटीआई

लालबाग की श्रॉफ बिल्डिंग में फूलों की बारिश के बाद, गणपति की मूर्तियां शहर की विसर्जन की मुख्य जगहों  गिरगांव चौपाटी और दादर चौपाटी के साथ-साथ विसर्जन के अन्य स्थानों की ओर आगे बढ़ीं।श्रॉफ बिल्डिंग में फूलों की बारिश के बाद लालबाग से निकलने वाला पहला जुलूस 'करी रोडचा कैवारी' का था।
 

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मूर्ति विसर्जन - फोटो : पीटीआई
दोपहर तक रामगारी बराक चाल, तेजुकया मैंशन और कालाचौकीचा महागणपति के जुलूस भी विसर्जन के लिए समुद्र किनारे स्थित स्थानों की ओर नकल पड़े। मुंबई के दूसरे हिस्सों में भी विसर्जन जुलूस पूरे जोश के साथ शुरू हुए। बोरीवली में 'उपनगरचा राजा' का जुलूस भी विसर्जन स्थल की ओर बढ़ रहा था।


 

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गणेश प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं? 
कई जुलूसों के साथ पारंपरिक ढोल-ताशा मंडलियां थीं। भक्त नाचते-गाते हुए भक्ति गीत गा रहे थे। मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई नगर निगम  ने मूर्ति विसर्जन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

 

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गणेश प्रतिमा - फोटो : पीटीआई
अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक को नियंत्रित करने और जुलूसों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए दिन भर 24,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि बीएमसी ने 25,000 कर्मचारियों को तैनात किया है।

 

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गणेश प्रतिमा - फोटो : पीटीआई
नगर निकाय ने शहर में मूर्ति विसर्जन के लिए 67 प्राकृतिक जगहों और 383 कृत्रिम झीलों पर लाइफगार्ड, एम्बुलेंस, मेडिकल टीमें, क्रेन और दूसरी इमरजेंसी सेवाओं का इंतजाम किया है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, तय विसर्जन जगहों का इस्तेमाल करें और जुलूस के दौरान पुलिस और नगर निकाय के कर्मचारियों का सहयोग करें।
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गणेश प्रतिमा - फोटो : पीटीआई
बीएमसी ने नागरिकों से यह भी कहा है कि विसर्जन के लिए समुद्र में जाते समय सावधानी बरतें और नगर निकाय व पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें, खासकर इसलिए क्योंकि समुद्र तट के पास ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरेज हो सकती हैं।
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