मेरठ के मेडिकल कॉलेज कैंपस में मंगलवार रात बवाल हो गया। एक एमबीबीएस इंटर्न छात्र ने कर्मचारी की बेटी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। कर्मचारी के बेटे ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। डॉक्टरों के पिटने के बाद प्राचार्य और सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद भी जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र नहीं माने। सैकड़ों छात्रों और जूनियर डॉक्टरों ने कर्मचारियों के घरों में घुसकर हमला बोल दिया।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
पथराव और मारपीट में दस से ज्यादा कर्मचारी घायल हो गए। घरों के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर दी गई। एसपी सिटी कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद सभी डॉक्टर कर्मचारी नेता की गिरफ्तारी और सस्पेंड कराने की मांग पर अड़ गए।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
पुलिस के अनुसार मेडिकल कैंपस स्थित स्टेडियम के वर्चस्व को लेकर जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच तनातनी चली आ रही है। मंगलवार रात करीब नौ बजे एक एमबीबीएस इंटर्न स्टेडियम में टहल रहा था। इस दौरान उसकी एक कर्मचारी के बेटे से कहासुनी हो गई। छात्र का आरोप था कि कर्मचारी बाहरी लोगों को बुलाकर यहां छेड़छाड़ कराता है।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
आरोप है कि छात्र ने उसकी बहन को लेकर कमेंट किया तो बहन से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। कर्मचारी के बेटे ने अपने पिता और अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद कर्मचारियों से मारपीट में एमबीबीएस छात्र आयुष और डॉ. अनिल को चोट लग गई। जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और टकराव के बार मारपीट हो गई।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
घटना की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता, सीएमओ अजित चौधरी, सीएमओ डॉ. सचिन कुमार वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा रहे थे। इस बीच सैकड़ों की संख्या में जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस छात्रों ने कर्मचारियों के क्वार्टरों पर हमला बोल दिया। कर्मचारियों के घरों में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और पथराव कर दिया। मारपीट में दस से अधिक कर्मचारी घायल हो गए। कर्मचारियों की आधा दर्जन कारें और दो बाइकों को तोड़ दिया गया। कई कर्मचारियों के घरों के दरवाजे तोड़कर मारपीट की गई।
बवाल की सूचना कंट्रोल रूम पर फैली तो एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ मौके पर पहुंचे, लेकिन अराजकता को देखकर पुलिस ने अपने कदम खींच लिए। बाद में एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार कई थानों की फोर्स और पीएसी को लेकर पहुंचे। देर रात तक दोनों पक्षों में टकराव और तनाव चल रहा था। डॉक्टर वर्ग कर्मचारी नेता विपिन त्यागी को निलंबित करने और गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा रहा था। मांग पूरी न होने इमरजेंसी सेवा ठप कर हड़ताल की भी चेतावनी दे दी।