फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CJI Morning Walk: चीफ जस्टिस बनने के बाद 'सुबह की सैर' पर नहीं जा पाएंगे जस्टिस संजीव खन्ना! जानें वजह

Sat, 09 Nov 2024 04:11 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के नए चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। खबरों के मुताबिक जस्टिस संजीव खन्ना सुबह की सैर नहीं कर सकेंगे। कारण काफी हैरान करने वाला है। बता दें कि सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की रिटायरमेंट के बाद न्यायमूर्ति खन्ना देश के 51वें चीफ जस्टिस होंगे।
विज्ञापन
1 of 4
सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (फाइल) - फोटो : अमर उजाला / सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना सुप्रीम कोर्ट के 51वें चीफ जस्टिस (सीजेआई) बनेंगे। उनका कार्यकाल केवल छह महीने का ही होगा और वे मई, 2025 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना कानूनी पेशे में चार दशक से अधिक समय से सक्रिय हैं। सोशल मीडिया और वीडियो माध्यमों की बढ़ती लोकप्रियता के इस दौर में अदालत में मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण, कानून से जुड़ी हस्तियों और अदालतों से बाहर उनसे जीवन जुड़ी खास बातें जानने में दिलचस्पी भी बढ़ रही है। इसी कड़ी में जस्टिस संजीव खन्ना से जुड़ा एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया है कि जस्टिस संजीव खन्ना प्रधान न्यायाधीश बनने के बाद सुबह की सैर नहीं कर सकेंगे।

चीफ जस्टिस बनने के बाद वे सुबह की सैर नहीं कर सकेंगे
जस्टिस संजीव खन्ना को जानने वाले कानूनी पेशेवर बताते हैं कि न्यायमूर्ति खन्ना बेहद आम जीवन जीने में यकीन रखते हैं। ऐसे में जब वे भारत के 51वें चीफ जस्टिस नामित हुए तो उनकी सुरक्षा को लेकर खास बंदोबस्त किए जाने लगे। सुप्रीम कोर्ट से जुड़े वकील बताते हैं कि दैनिक जीवन में जस्टिस खन्ना सुबह की सैर जरूर करते हैं। हालांकि, अब चीफ जस्टिस बनने के बाद वे सुबह की सैर नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कुछ खास कारणों से सुबह की सैर छोड़ने का फैसला किया है।
Trending Videos
विज्ञापन

बेहद साधारण और आम जीवन जीने वाले न्यायमूर्ति खन्ना अब सीजेआई होंगे

2 of 4
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजीव खन्ना - फोटो : ANI
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने के बाद न्यायमूर्ति खन्ना को विशेष सुरक्षा घेरा प्रदान किया जाएगा। देश के चुनिंदा शीर्ष संवैधानिक पदों में शामिल इस पद पर आसीन शख्सियत को लेकर कई प्रोटोकॉल फॉलो करने पड़ते हैं। इन्हीं में एक है सुरक्षा बंदोबस्त। हालांकि, बेहद साधारण और आम जीवन जीने वाले न्यायमूर्ति खन्ना अपने करीबी लोगों और दोस्तों से मिलने के दौरान भी काफी लो प्रोफाइल तरीके से रहते हैं। वे अपनी गाड़ी भी खुद ड्राइव करना पसंद करते हैं।
विज्ञापन

सुरक्षाकर्मियों के साथ सुबह की सैर पर जाने की सलाह, कहा- ऐसे मॉर्निंग वॉक नहीं करेंगे

3 of 4
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के साथ सुप्रीम कोर्ट में उनके उत्तराधिकारी जस्टिस संजीव खन्ना। - फोटो : PTI
चीफ जस्टिस की मॉर्निंग वॉक को लेकर सामने आई खबरों में दावा किया गया है कि सोमवार, 11 नवंबर को चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेने से पहले ही न्यायमूर्ति खन्ना ने अपनी पसंदीदा गतिविधि- 'एकांत में सुबह की सैर' छोड़ने का निर्णय लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि नियुक्ति अधिसूचना जारी होने के बाद उन्हें सुरक्षाकर्मियों के साथ सुबह की सैर पर जाने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसा करने के आदी नहीं हैं।
विज्ञापन

जस्टिस संजीव खन्ना सादगी की मिसाल... जब इंतजार ही करते रह गए तमाम पत्रकार

4 of 4
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
सरल और शांत स्वभाव के जस्टिस खन्ना अब अपने जीवन की शीर्ष उपलब्धियों में एक हासिल करने वाले हैं। उन्हें जानने वाले लोगों के हवाले से आई कुछ खबरों में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बनने के बावजूद उनके व्यक्तित्व में स्कूल-कॉलेज के दिनों की तुलना में बहुत बदलाव नहीं आया है। इसकी मिसाल उस समय मिली थी जब करीब छह महीने पहले मई में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान वे मतदान करने पहुंचे। पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्ट उनका इंतजार ही करते रह गए और जस्टिस खन्ना अपनी निजी कार से मतदान करने के बाद घर भी लौट गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें