फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद्रयान-2: चांद पर ढला दिन, लैंडर विक्रम से संपर्क की उम्मीदें बेहद कम

Mon, 16 Sep 2019 09:54 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 9
नासा लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है - फोटो : Social Media
चांद पर एक-एक दिन बीतने के साथ ही इसरो के महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिशें भी धूमिल होती दिखाई दे रही हैं। 21-22 सितंबर को चांद पर अंधेरा छा जाएगा जिसके बाद से विक्रम से संपर्क साधने की सारी उम्मीदें खत्म हो जाएंगी। इसरो के वैज्ञानिक दिन-रात विक्रम से संपर्क की कोशिशों में लगे हुए हैं। 



 
विज्ञापन

2 of 9
chandrayaan 2 journey - फोटो : पीटीआई
इसरो की मदद के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी अपने डीप स्पेस नेटवर्क के तीन सेंटर्स से लगातार चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और लैंडर से संपर्क बनाए हुए है। नासा के ताकतवर एंटीना चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से तो संपर्क साध पा रहे हैं, लेकिन विक्रम लैंडर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

3 of 9
चंद्रयान- 2 - फोटो : ISRO
चांद पर दिन वाला समय पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है। मतलब, 20-21 सितंबर को चांद पर रात हो जाएगी। वर्तमान में चंद्रमा पर शाम हो गई है। विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर का जीवनकाल भी 14 दिनों का ही है। 

4 of 9
विक्रम लैंडर और उसमें नीचे की तरफ लगे ग्रे रंग के थ्रस्टर्स - फोटो : ISRO
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का लूनर रिकॉनसेंस ऑर्बिटर (LRO) चंद्रमा के उस जगह की तस्वीरें लेगा जहां सात सितंबर की अल सुबह विक्रम लैंडर ने हार्ड लैंडिंग की थी। हालांकि इस समय वहां शाम होने लगी है इसलिए यह तस्वीर कितनी साफ आएगी इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

5 of 9
moon shrinking nasa
फिर भी नासा इसरो के साथ उस जगह की तस्वीरें साझा करेगा। इससे विक्रम को लेकर किए जा रहे अध्ययन में मदद मिलेगी।
विज्ञापन

6 of 9
nasa - फोटो : NASA twitter handle
नासा ने चांद की सतह पर गतिहीन पड़े विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने के लिए उसे 'हैलो' का संदेश भेजा था। अपने डीप स्पेस ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क के जरिए नासा के जेट प्रोपल्सन लैबोरेटरी (जेपीएल) ने लैंडर के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए विक्रम को एक रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजा।
विज्ञापन

7 of 9
चंद्रयान- 2 - फोटो : ANI
इसरो के एक अधिकारी ने विक्रम के साथ संपर्क की कोशिशों के बारे मे कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि हर गुजरते घंटे के साथ काम मुश्किल होता जा रहा है। बैटरी में उपलब्ध ऊर्जा खत्म हो रही होगी और इसके ऊर्जा हासिल करने तथा परिचालन के लिए कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने कहा, प्रत्येक गुजरते मिनट के साथ स्थिति केवल जटिल होती जा रही है, ‘विक्रम’ से सपंर्क स्थापित होने की संभावना कम होती जा रही है।

8 of 9
चंद्रयान- 2 - फोटो : इसरो
यह पूछे जाने पर कि क्या संपर्क स्थापित होने की थोड़ी-बहुत संभावना है, अधिकारी ने कहा कि यह काफी दूर की बात है। यहां स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क में एक टीम लैंडर से पुन: संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रही है। अधिकारी ने कहा कि सही दिशा में होने की स्थिति में यह सौर पैनलों के चलते अब भी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है और बैटरियों को पुन: चार्ज कर सकता है। लेकिन इसकी संभावना, उत्तरोत्तर कम होती जा रही है।
विज्ञापन

9 of 9
चंद्रयान-2 मिशन की अगली तारीख की जल्द होगी घोषण - फोटो : PTI
इसरो के एक अन्य शीर्ष अधिकारी ने कहा कि चंद्र सतह पर ‘विक्रम’ की ‘हार्ड लैंडिंग’ ने इससे पुन: संपर्क को कठिन बना दिया है क्योंकि हो सकता है कि यह ऐसी दिशा में न हो जिससे उसे सिग्नल मिल सकें। उन्होंने चंद्र सतह पर लगे झटके से लैंडर को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें