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Odisha: 'उनके पैर तोड़ दो', प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी का फरमान वायरल; बाद में दी सफाई, कहा- गलत समझा गया

Mon, 30 Jun 2025 08:11 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नरसिंह भोल ने कहा, 'आदेश यह था कि उपद्रवी प्रदर्शनकारियों को पहले बैरिकेड पर ही रोक लिया जाए। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति दो बैरिकेड तोड़कर आगे चला जाता है, तो वह व्यक्ति पहले ही कानून तोड़ चुका है। ऐसे में वह गैर-कानूनी तरीके से जमा हुए लोगों का हिस्सा हो जाता है।'
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Odisha - फोटो : Video Grab/@ManasCOfficial
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के घर के बाहर सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से दिया गया निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांग्रेस ने कई नेताओं ने भी इससे जुड़ा वीडियो पोस्ट कर पुलिस और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ता रविवार को पुरी में हुई भगदड़ में तीन लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने के बाद भीड़ के कुप्रबंधन और लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने आए थे। घटना पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के पास चल रहे रथ यात्रा उत्सव से जुड़े एक समारोह के दौरान हुई।



कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की आशंका के बाद मुख्यमंत्री के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इस तैनाती की निगरानी करने वाले अधिकारियों में से एक भुवनेश्वर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) नरसिंह भोल थे। वायरल हुए वीडियो में नरसिंह भोल बैरिकेड की एक सीरीज के बीच आखिरी बैरिकेड पर गए और वहां खड़े पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए।
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रथ यात्रा के दौरान तैनात पुलिसकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
वायरल वीडियो में क्या?
वायरल वीडियो में एसीपी ने अपनी उंगली से बैरिकेड के चारों ओर लगे कांटेदार तार की ओर इशारा करते हुए कहा, 'अगर कोई यहां तक पहुंचता है तो उसका पैर तोड़ दो। उन्हें पकड़ो मत, बस उनके पैर तोड़ दो। हम उन्हें पकड़ने के लिए वहां काफी पहले ही खड़े हैं। जो कोई भी पैर तोड़ेगा, वह मेरे पास आएगा और इनाम लेगा।' भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी की ओर से दिए गए निर्देश पर आखिरी बैरिकेड के पीछे खड़े पुलिसकर्मियों ने जवाब हां में दिया।
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रथ यात्रा के दौरान तैनात पुलिसकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
'बयान को गलत संदर्भ में लिया गया'
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नरसिंह भोल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया और उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। लोगों ने उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया। उन्होंने कहा, 'हर चीज में एक जगह, समय और संदर्भ होता है। यह कहां हो रहा था, कब हो रहा था... अगर आप वीडियो देखें तो मैंने कर्मियों से कहा कि हम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वहां हैं। 

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भगदड़ क बाद पीड़ितों का बुरा हाल (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
'गैरकानूनी जमावड़े को रोकने के लिए अधिकतम बल लगाने के लिए स्वतंत्र'
एक मीडिया हाउस से बात करते हुए भोल ने बैरिकेड से कुछ दूरी पर एक जगह का जिक्र करते हुए कहा कि जिस जगह मैं खड़ा था, वहां पहुंचने से पहले दो बैरिकेड थे। आदेश था कि पहले बैरिकेड पर ही बेकाबू प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाए। हालांकि, अगर कोई दो बैरिकेड तोड़ता है और उनसे आगे जाता है, तो वह व्यक्ति पहले ही कानून तोड़ चुका है। वह एक गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा है। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हम गैरकानूनी जमावड़े को रोकने के लिए अधिकतम बल लगाने के लिए स्वतंत्र हैं।'
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मोहन चरण माझी - फोटो : PTI
पुरी भगदड़ की प्रशासनिक जांच शुरू
इससे पहले ओडिशा सरकार ने पुरी भगदड़ की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है। राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि विकास आयुक्त अनु गर्ग 30 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपेंगे। कानून मंत्री ने कहा, 'राज्य सरकार इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।' 
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पीड़ितों का रो-रो कर बुरा हाल - फोटो : PTI
घायलों छुट्टी दे दी गई
पुरी के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी किशोर सतपथी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सभी घायलों को रविवार रात 8 बजे तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से छुट्टी दे दी गई।
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