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BSF-BGB Meet: बीएसएफ जवानों पर बांग्लादेशी उपद्रवियों का हमला बर्दास्त नहीं, बीजीबी-बीएसएफ करेंगे ऐसी गश्त

सार

भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों (सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) के बीच 55वें महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने किया। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी ने किया। सीमा सुरक्षा बल (भारत) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बांग्लादेश) के बीच की यह उच्चस्तरीय वार्ता साल में दो बार आयोजित की जाती है।
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BSF-BGB Meet - फोटो : Amar Ujala
बांग्लादेश की सीमा में मौजूद इंडियन इंसर्जेंट ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीमा सुरक्षा बल के डीजी दलजीत चौधरी ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। इसके साथ ही बीएसएफ जवानों पर बांग्लादेशी उपद्रवियों/अपराधियों के हमले बर्दास्त नहीं होंगे। बीएसएफ की तरफ इस बाबत कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इसका नतीजा यह हुआ कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर, संवेदनशील क्षेत्रों में समन्वित गश्त बढ़ाने के लिए राजी हो गया है। यह गश्त देर रात से लेकर सुबह तक की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय सीमा के उल्लंघन के संबंध में सीमावर्ती आबादी को जागरूक करने का भी निर्णय लिया गया। बीजीबी के द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 गज के भीतर बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। इसके अलावा बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने कई दूसरे मुद्दों को भी बीएसएफ के समक्ष रखा है।  

गुरुवार को नई दिल्ली में बीएसएफ और बीजीबी के बीच 55वां महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन संपन्न हुआ है। इस दौरान दोनों देशों के बीच के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने तथा सौहार्द के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों बलों के महानिदेशकों ने संयुक्त रूप से कई निर्णय लिए हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के मुद्दों पर चर्चा की और सभी स्तरों पर निरंतर, रचनात्मक और सकारात्मक बातचीत के माध्यम से इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। दोनों ही पक्ष, सम्मेलन के निर्णयों को सच्ची भावना से जमीनी स्तर पर लागू करने पर सहमत हुए है। यह सम्मेलन 17 फरवरी से 20 फरवरी 2025 तक नई दिल्ली स्थित सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय में संपन्न हुआ है। 

भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों (सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) के बीच 55वें महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने किया। बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी ने किया। सीमा सुरक्षा बल (भारत) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बांग्लादेश) के बीच की यह उच्चस्तरीय वार्ता साल में दो बार आयोजित की जाती है। एक बार भारत और एक बार बांग्लादेश में, इस वार्ता को आयोजित किया जाता है। इस वार्ता के माध्यम से दोनों देशों के सीमा रक्षक बल, सीमा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करते हैं। भारत और बांग्लादेश, ये दोनों पड़ोसी देश, सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को साझा करने के साथ कई दूसरे कारकों को भी साझा करते हैं। दोनों पक्षों के बीच पिछला सीमा समन्वय सम्मेलन 5 से 9 मार्च 2024 तक ढाका, 'बांग्लादेश' में आयोजित किया गया था।
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BSF-BGB Meet - फोटो : Amar Ujala
सीमा सुरक्षा बल ने उठाए हैं ये मुद्दे ... 
सीमा सुरक्षा बल ने वार्ता के दौरान जिन महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, उनमें  बांग्लादेश स्थित अपराधियों/उपद्रवियों द्वारा सीमा सुरक्षा बल सदस्यों और भारतीय नागरिकों पर किए जाने वाला हमला, शामिल है। इसके अलावा दुर्व्यवहार की रोकथाम, सीमा पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए संयुक्त प्रयास, बांग्लादेश स्थित इंडियन इंसर्जेंट ग्रुप (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई, सीमा के बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे, सिंगल रो फेंस (एसआरएफ) का निर्माण, समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी), विश्वास निर्माण उपाय (सीबीएम) के साथ-साथ अन्य विविध गतिविधियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त प्रयास करना प्रमुख थे। 
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BSF-BGB Meet - फोटो : Amar Ujala
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने उठाए ये मुद्दे ... 
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने इस वार्ता में जिन महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, उनमें सीमावर्ती अपराधों की रोकथाम, सीमा सुरक्षा बल/भारतीय पुलिस/भारतीय नागरिकों, तस्करों और अन्य अराजक तत्वों द्वारा बांग्लादेश सीमा का उल्लंघन/अवैध घुसपैठ व सीमाओं पर होने वाली हत्याएं, आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पड़ोसी मुल्क के सीमा सुरक्षा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 गज के भीतर बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे, अगरतला से अखौरा तक अपशिष्ट जल ले जाने वाली 4 नहरों के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की स्थापना, सीमांकन, सर्वेक्षण और सीमा स्तंभों का निर्माण, नदी तट संरक्षण कार्य और जल बंटवारा, इन मुद्दों को भी उठाया गया। साथ ही बीजीबी ने भारत के अंदर सशस्त्र उपद्रवियों की आवाजाही और उनके शिविरों के बारे में जानकारी, सीबीएमपी का प्रभावी कार्यान्वयन और विश्वास निर्माण उपाय, इन्हें भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। 

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BSF-BGB Meet - फोटो : Amar Ujala
इन बातों पर सहमत हुए दोनों पक्ष ... 
मानवाधिकारों की अनुपालना और सीमावर्ती हिंसा को रोकने के लिए सहक्रियात्मक प्रयासों की आवश्यकता को दोहराते हुए, दोनों पक्ष संयुक्त गश्त बढ़ाने के लिए राजी हुए हैं। सतर्कता बढ़ाने, सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम को तेज करने, उचित सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रम शुरू करने और वास्तविक सामयिक सूचनाओं को साझा करने के लिए अत्यधिक तालमेल के साथ मिलकर काम करने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए हैं। इसके जरिए बिना किसी जनहानि के, प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। बता दें कि इस परिप्रेक्ष्य में सीमा सुरक्षा बल, भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहले से ही गैर घातक हथियारों के उपयोग की नीति अपनाए हुए है।
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BSF-BGB Meet - फोटो : Amar Ujala
जांच रिपोर्टों को आगे बढ़ाने पर सहमति ...  
सीमावर्ती अपराधों, मानव तस्करी और अवैध सीमा पार करने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, दोनों पक्ष मानव तस्करी के संलिप्त अपराधियों (यदि कोई हो) की वास्तविक सामयिक सूचनाओं की जानकारी साझा करने और इस संबंध में जांच रिपोर्टों को भी आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। दोनों पक्षों ने ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और भारत-बांग्लादेश सीमा को अपराध मुक्त बनाने के लिए सभी प्रयासों में एक-दूसरे का भरपूर सहयोग करने का भी आश्वासन दिया है। दोनों पक्ष, मानव तस्करी के पीड़ितों की मदद करने और देश के कानून के अनुसार उनके बचाव और त्वरित पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने पर भी सहमत हुए हैं। 

जुलाई 2025 में ढाका में होगा समन्वय सम्मेलन ... 
बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के महानिदेशकों के इस सम्मेलन में दोनों पक्षों ने कोऑर्डिनेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट प्लान (सीबीएमपी) के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। इसके साथ ही दोनों ही पक्षों ने अब तक जारी सभी द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं, जैसे, समन्वित संयुक्त गश्त, खेल गतिविधियां, संयुक्त रिट्रीट समारोह, बैंड डिस्प्ले, सद्भावना यात्रा आदि को भी जारी रखने पर अपनी सहमति जताई। दोनों पक्षों ने सम्मेलन के नतीजे पर संतोष व्यक्त करते हुए सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त रूप से काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। अगला महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन जुलाई 2025 में ढाका, बांग्लादेश में होना तय हुआ है।
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