पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के एम्स में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। करीब दो महीने से एम्स में भर्ती अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई थी। पूर्व पीएम के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक जताया है। आइए जानते हैं वाजपेयी के निधन पर किसने क्या कहा :-
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'मेरे लिए अटल जी का जाना पिता को खोने जैसा है। मैं जब भी उनसे मिलता था तो वह पिता की तरह मुझे गले लगाते थे। वह मां भारती के सच्चे सपूत थे अटलजी। उनके जाने से एक युग का अंत हुआ है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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Rahul Gandhi Lok Sabha
‘भारत ने आज महान बेटा खो दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लाखों लोगों का प्यार और सम्मान मिला। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’ - राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
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‘पूर्व प्रधानमंत्री और सच्चे राजनेता अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुखी हूं। हर किसी को अटलजी की कमी खलेगी।’ - रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
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‘मैं सुबह ही उन्हें देखने अस्पताल गया था, लेकिन सोचा नहीं था वह इतनी जल्दी हमें छोड़ जाएंगे। इसमें कोई शक नहीं कि आजादी के बाद वह सबसे बड़े नेताओं में से एक थे। वे हमेशा अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता के कारण याद किए जाएंगे।’ -वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति
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‘बहुत दुखी हूं कि महान राजनेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है। मेरी संवेदना उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ है।’ - ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
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- फोटो : PTI
‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एक शानदार वक्ता, प्रभावशाली कवि, असाधारण जनसेवक, उत्कृष्ट सांसद और महान प्रधानमंत्री थे। वह आधुनिक भारत के महान नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा में लगा दिया। उनकी देश सेवा को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।’ - मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री
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‘वाजपेयी जी के निधन से बेहद दुखी हूं। यह भारत के लिए बड़ी क्षति है।’ - अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
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‘वाजपेयी सच्चे धर्मनिरपेक्ष राजनीतिज्ञ थे। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। वह पक्ष-विपक्ष नहीं राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखते थे। उन्होंने कभी देश को बांटने की राजनीति नहीं की। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी उनके भाषण के प्रशंसक रहे।’ - फारूख अब्दुल्ला, पूर्व सीएम, जम्मू-कश्मीर
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- फोटो : amar ujala
अटल जी इंद्रधनुषी व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। वह सफल पत्रकार, प्रखर वक्ता, हंसमुख साथी और मंजे हुए राजनेता थे। उनसे सांझा सरकार को चलाने का गुर सीखा जा सकता था। उनका का जाना देश के इतिहास में एक स्वर्णिम युग का अंत होने जैसा है।’ - शरद यादव, प्रमुख, लोकतांत्रिक जनता दल
‘वाजपेयी जी का कोई शत्रु नहीं था और यही उनकी सबसे बड़ी खासियत थी। वह कई कार्यों के लिए याद किए जाएंगे, जिनमें पाकिस्तान के साथ संबंधों को सुधारने के लिए किए प्रयास सबसे ऊपर हैं।’ - पी चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री