कहीं स्टेशन पर खड़ी ट्रेन पलट गई तो कहीं देखते ही देखते आंखों के सामने से एक पूरा लोहे का पुल पानी में बह गया। कई जगह भूस्खलन की घटना सामने आई है। आगे तस्वीरों में देखिए असम में जल प्रलय ने कैसे मचाई है तबाही...?
असम में मूसलाधार बारिश से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। छह लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। हालात ये है कि कहीं स्टेशन पर खड़ी ट्रेन पलट गई तो कहीं देखते ही देखते आंखों के सामने से एक पूरा लोहे का पुल पानी में बह गया। कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। आगे तस्वीरों में देखिए असम में जल प्रलय ने कैसे मचाई है तबाही...?
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असम में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
1413 गांव बुरी तरह से प्रभावित
असम में बाढ़ और बारिश से हालात बेकाबू हैं। राज्य आपदा प्रबंधन के अनुसार, बाढ़ की वजह से राज्य के 1,413 गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
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असम में बाढ़ से कई इलाके डूब गए।
- फोटो : अमर उजाला
80 हजार से ज्यादा लोगों ने राहत केंद्रों में ली शरण
बाढ़ की समस्या को देखते हुए कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और गैर जरूरी संस्थानों को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए 14 जिलों में 359 राहत शिवर और वितरण केंद्र बनाए गए हैं। इन राहत शिवरों में 80,298 लोगों ने शरण ली हुई है, जिसमें 12,855 बच्चे शामिल हैं।
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बाढ़ में फंसे लोगों को वायुसेना के जवानों ने एयरलिफ्ट किया।
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करना पड़ा
असम में बाढ़ का कहर ऐसा है कि कई स्टेशनों की पटरियों पर कीचड़ और पानी भर गया। डिटोकचेरा रेलवे रूट पर कई यात्री ट्रेन में फंस गए। इन्हें एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला गया। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से पटरियों के नीचे की जमीन धंस गई और पटरियां हवा में झूलने लगीं। अब तक बाढ़ प्रभावित जिलों से करीब 8,054 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
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असम का दिमा हसाओ ब्रिज पूरे राज्य से अलग हो गया है।
- फोटो : अमर उजाला
देखते ही देखते पूरा पुल बह गया
बाढ़ के कारण असम का दिमा हसाओ ब्रिज पूरे राज्य से अलग हो गया है। भूस्खलन के कारण यहां सड़कें पूरी तरह से खराब हो गईं हैं। एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे देखते ही देखते पूरा पुल भरभराकर पानी में बह गया।
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बाढ़ से कई इलाके पूरी तरह से डूब गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा चपेट में नगांव जिला
असम के नगांव में सबसे अधिक 3.31 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद कछार में (1.6 लाख) और होजाली (97,300) का स्थान है। इसके साथ ही बजली, बक्सा, बारपेटा, विश्वनाथ, बोंगाईगांव, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा हसाओ, गोलपारा, हैलाकांडी, होजई, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग वेस्ट, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नलबाड़ी, सोनितपुर और उदलगुरी जिले पर भी बाढ़ का असर पड़ा है।
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कर्मचारी की पीठ पर सवार हुए लुमडिंग विधानसभा के भाजपा विधायक सिबू मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ से बचने के लिये कर्मचारी की पीठ पर सवार हुए बीजेपी विधायक
असम से इसी बीच एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि लुमडिंग विधानसभा के भाजपा विधायक सिबू मिश्रा बाढ़ राहत का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी विधायक बाढ़ के पानी से बचने के लिए एक कर्मचारी की पीठ पर सवारी करते हुए नजर आ रहे हैं। जिसके बाद उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
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स्टेशन पर ट्रेन पलट गई।
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन पर खड़ी ट्रेन पलट गई
बड़े पैमाने पर भूस्खलन और जलभराव के कारण राज्य के पहाड़ी इलाकों में रेलवे ट्रैक, पुलों और सड़क संचार को भारी नुकसान हुआ है। असम के दीमा हसाओ जिले का हाफलोंग स्टेशन पूरी तरह से डूब गया। यहां का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पानी के बहाव से स्टेशन पर खड़ी ट्रेन पलटते हुए दिख रही है।
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भूस्खलन से रेलवे का पुल बह गया और पटरियां हवा में झूलने लगीं।
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अभी और बारिश की संभावना
बारिश को लेकर भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटो में पश्चिम असम सहति तटिय कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में और मेघालय में बारिश की संभावना है।
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असम में बाढ़ का कहर।
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सेना और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
असम में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों को बचाने के लिए सेना, अर्द्धसैनिक बलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा नागरिक प्रशासन, प्रशिक्षित स्वयंसेवकों, दमकल और आपातकालीन सेवाओं तथा स्थानीय लोगों ने नावों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर बाढ़ प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों से 7,334 लोगों को निकाला है।
राशन वितरित किए जा रहे
राज्य सरकार के मुताबिक, बाढ़ ग्रसित इलाकों में अब तक 7,077.56 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 6,020.90 लीटर सरसो तेल, 2,218.28 क्विंटल चारा एवं अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित की है।