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सीरिया पर इस मिसाइल से अमेरिका ने बोला धावा, क्योंकि इसका नहीं है कोई तोड़

Sat, 14 Apr 2018 07:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टॉमहॉक क्रूज मिसाइल अमेरिकी अस्त्रागार के उन नायाब हथियारों में शामिल है जिनके बल पर अमेरीका की महाशक्ति कायम है। स्थिर लक्ष्यों के लिए यह मिसाइल दागो और भूल जाओ वाले सिध्दांत पर काम करती है। टॉमहॉक मिसाइल को दो हजार किलो मीटर दूरी से भी छोड़ा जा सकता है जिससे दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है और इसे नौसेना के सभी जहाजों और पनडुब्बी से छोड़ा जा सकता है।
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प्रत्येक मिसाइल लगभग एक हजार किलोग्राम वजन का विस्फोटक सामग्री ले जाने में सक्षम है और 880 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लक्ष्य की ओर बढ़ती है क्योंकि यह मिसाइल कम ऊंचाई पर चलती है इसलिए इसकी मौजूदगी को रडार और एयर डिफेंस सिस्टम भी नहीं भाप पाते हैं। 
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टॉमहॉक मिसाइल 20 फीट से भी ज्यादा लम्बी होती है और इसमें ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगा होता है। इसके चलते इसे बीच मार्ग में मोड़ा जा सकता है यदि लक्ष्य ने स्थान बदला हो तो इसे भी मोड़कर उस तक पहुंचाया जा सकता है।

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Tomahawk Missile
अगर स्थिर लक्ष्य हो तो यह मिसाइल पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देती है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागान के प्रवक्ता कैप्टन जैफ डेविस के अनुसार क्रूज मिसाइल एयरबेस पर खड़े लड़ाकू विमानो, ठिकानो, पेट्रोलियम भंडार, हथियारों के भंडार आदि को नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है। 
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अमेरिका मित्र देशों को यह मिसाइल डेढ़ मिलियन डॉलर (करीब दस करोड़ रुपये) प्रति मिसाइल के दर बेचता है।
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यदि सीरिया की भौगोलिक स्थिति में देखा जाये तो टॉमहॉक मिसाइल का कोई तोड़ नहीं है। इसे पनडूब्बी, युध्दपोत या बी- 52 बमवर्षक विमान से दो हजार किलोमीटर की दूरी तक दागा जा सकता है।
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यह पांरपरिक विस्फोट के अलावा परमाणु विस्फोटक भी ले जा सकती है जो रडार की पकड़ में भी नहीं आती। इसका पहली बार इस्तेमाल खाड़ी युध्द 1991 में किया गया था।
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