एक रिसर्च के मुताबिक दुनिया का हर पांचवां इनसान मानसिक रूप से परेशान है। हमारे देश में भी मानसिक पीड़ितों की कमी नहीं है लेकिन दिक्कत यह है कि हम मदद लेने को भी कमजोरी मानते हैं। इसके साथ ही देश में विशेषज्ञों की भी कमी है। इस सबके बावजूद खुश रहने के टूलकिट हजार हैं, इन्हें अपनाएं और जीवन को खुशहाल बनाएं। यह कहना है मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी शैक्षणिक विशेषज्ञों में से एक और फोर्टिस हेल्थकेयर के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. समीर पारिख का। वे जे.पी.सभागार, आगरा में 25 मार्च (रविवार) को होने जा रहा है “नज़रिया— जो जीवन बदल दे” कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे हैं और इसी विषय पर लोगों से सीधा संवाद करेंगे।
ऐसे ही तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं से मिलने के लिए ऑन-लाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। इसके लिए (
foundation.amarujala.com पर) फार्म भरना अनिवार्य होगा, उसके बाद प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। देश और आगरा में हिंदी में इस तरह का कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। यह कार्यक्रम अमर कार्यक्रम अमर उजाला फाउंडेशन और माइन्डस इग्नाइटेड साथ मिलकर कर रहे हैं। डॉ. पारिख कहते हैं यह भी सच है कि हमारे देश में जागरुकता की कमी है। लोगों को यह भी नहीं पता कि इसके लिए कहां जाना है, कौन इसका इलाज करता है। साथ मदद लेने को भी लोग कमजोरी मानते हैं।
साथ ही यह भी सत्य है कि हमारे देश में विशेषज्ञों की कमी है। खुशहाली के टूलकिट यानी अपने परिवार के साथ समय बिताइए, अपने आप को समय दीजिए, अपने पर विश्वास रखिए, दिनचर्या में बदलाव लाइए, खान-पान में बदलाव लाकर लाकर देखिए, जीवन को खुशहाली जरूर आएगी।
इसी कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल और माइक्रोसॉफ्ट के बालेंदु शर्मा दाधीच सीधा संवाद करेंगे। पवन दुग्गल दुनिया के चार सबसे सम्मानित और जानकार साइबर वकीलों में से एक माने जाते हैं। वे 'साइबर सुरक्षा-जीवन सुरक्षा' विषय पर लोगों से रू-ब-रू होंगे। इसी तरह से 'अपनी भाषाओं को बचा लेंगे हम' विषय पर टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपनी भाषाओं को बचाने में जुटे माइक्रोसॉफ्ट में भाषा स्थानिकीकरण के निदेशक बालेंदु शर्मा बातचीत करेंगे।
इसी तरह से नागरिक अधिकारों को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं, आईआईएम, अहमदाबाद के भूतपूर्व प्रोफ़ेसर जगदीप छोकर बातचीत करेंगे। जगदीप छोकर देश में लोकतंत्र और शासन में सुधार के लिए चुनावी और राजनीतिक सुधार, वैश्विक मामलों पर नागरिक अधिकार कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं।