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अक्षय तृतीया: सोने में निवेश करना सही रणनीति या फिर चांदी में बनेगा पैसा; इसके अलावा और क्या विकल्प? जानें

Mon, 28 Apr 2025 09:01 AM IST
द बोनस देवेन्द्र शर्मा, मुंबई

सार

अक्षय तृतीया पर निवेश के लिए सोना खरीदना शुभ माना जाता है। कई देशों में तनाव और टैरिफ वार के बीच सोना लगातार नए रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले दिनों एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर के पार पहुंच गया था। ऐसे में क्या सोने में निवेश करना सही रणनीति होगी या फिर चांदी में बनेगा पैसा?
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सोने-चांदी का भाव - फोटो : PTI
अक्षय तृतीया पर कुछ लोग शगुन के लिए सोना खरीदते हैं, तो कुछ निवेश के लिए, ताकि उन्हें अच्छा रिटर्न मिल सके। लेकिन, अभी घरेलू और वैश्विक बाजार में सोने का भाव सातवें आसमान पर है। ऐसे में सवाल है कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर शगुन के लिए क्या सोना खरीदना चाहिए? इसके अलावा और क्या विकल्प हो सकता है?
  • अगर सोने के रिटर्न की बात करें तो 2024 में इसने निवेशकों को 21.43 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया, जबकि चांदी का रिटर्न 17.20 फीसदी रहा। इस अवधि में सेंसेक्स ने 8.17 और निफ्टी ने 8.80 फीसदी रिटर्न दिया। इस तरह, साल 2024 में रिटर्न के मामले में सोना सब पर भारी पड़ा।
  • 2025 में सोना और भी ज्यादा तेजी से बढ़ा है। 25 अप्रैल को घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर इसका भाव 95,000 रुपये रहा, जबकि चांदी 96,441 रुपये रही। इस साल सोना करीब 24 फीसदी चढ़ा है और चांदी 10.55 फीसदी उछली है।
  • पिछले आंकड़े देखें तो लंबी अवधि में सोना सुरक्षित और शानदार निवेश का विकल्प साबित हुआ है। 2018 में अक्षय तृतीया के दिन सोना 31,383 और 2022 में 50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। पिछले करीब छह साल में सोने के दाम तीन गुना और चार साल में दोगुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं। पिछली अक्षय तृतीया से सोना अब तक 30 फीसदी रिटर्न दे चुका है।

यह भी पढ़ें- Share Market Opening Bell: शेयर बाजार में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 450 अंक उछला, निफ्टी में भी तेजी
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सोना-चांदी के दाम - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
चांदी में इसलिए करें खरीदारी
  • औद्योगिक मांग में वृद्धि : 2024 में चांदी की औद्योगिक मांग चार फीसदी बढ़कर 68 करोड़ किलो तक पहुंच गई, जो सौर पैनलों, इलेक्ट्रिक वाहनों और एआई उपकरणों में इसके उपयोग से प्रेरित है।
  • गोल्ड-सिल्वर रेश्यो : अभी गोल्ड-सिल्वर रेश्यो करीब 100:1 है, जो ऐतिहासिक औसत 70:1 से काफी अधिक है। यह रेश्यो संकेत दे रहा है कि सोने की तुलना में चांदी की कीमत ज्यादा बढ़ेगी।
  • आपूर्ति में कमी : 2024 में चांदी की वैश्विक मांग 1.2 अरब औंस तक पहुंच गई, जबकि आपूर्ति स्थिर है जिससे बाजार में कमी बनी हुई है।
  • उच्च संभावित रिटर्न : विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी 2025 में 40 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकती हैं, जो निवेशकों के लिए आकर्षक रिटर्न का संकेत है।
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सोने-चांदी के दाम में बढ़ोतरी - फोटो : ANI
क्या संकेत दे रहा गोल्ड-सिल्वर रेश्यो
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो वह अनुपात है, जो बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी की जरूरत होती है। यह रेश्यो जब अत्यधिक बढ़ता है तो चांदी की कीमतों में तेजी की संभावना होती है। अप्रैल, 2025 में यह रेश्यो 100:1 है, जो ऐतिहासिक औसत 70:1 से काफी अधिक है। वर्तमान में चांदी की कीमत 33 डॉलर प्रति औंस पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में चांदी की कीमतों में वृद्धि की संभावना है। दिग्गज ग्लोबल एक्सपर्ट रॉबर्ट कियोसाकी ने चांदी को सबसे हॉट इन्वेस्टमेंट बताया है। उन्होंने साल के अंत में इसके 70 डॉलर तक पहुंचने की भविष्यवाणी की है।

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सोने-चांदी का भाव। - फोटो : ANI
अक्षय तृतीया पर सोने का साल-दर-साल रिटर्न
 
साल रिटर्न (%)
2020 47.41
2021 2.47
2022 6.57
2023 17.79
2024 21.53
2025 29.94

(सोर्स : केडिया एडवाइजरी, आंकड़े इस साल 25 अप्रैल तक के)
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सोने-चांदी का भाव - फोटो : PTI
सोने ने लगातार मजबूत रिटर्न दिया
कुल मिलाकर देखें तो अक्षय तृतीया के दौरान सोने ने लगातार मजबूत रिटर्न दिया है, जिससे भारत में इसे विश्वसनीय निवेश विकल्प के रूप में मान्यता मिलती रही है। पिछले 14 वर्षों में, सिर्फ तीन मौकों को छोड़कर हर बार सोने ने सकारात्मक प्रदर्शन किया है और जहां गिरावट आई भी, वहां रिटर्न सिर्फ इकाई अंक में ही नकारात्मक रहा। 2018 से अब तक लगातार आठ वर्षों तक सोने में बढ़त देखने को मिली है। पिछले तीन वर्षों में तो इसमें 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है।
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सोना-चांदी - फोटो : अमर उजाला
1.30 लाख रुपये पहुंच सकती है चांदी

टैरिफ वॉर और कई देशों में तनाव से सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है। आगे भी इस तरह की ताबड़तोड़ तेजी रहेगी, ऐसी उम्मीद नहीं है। अगली अक्षय तृतीया पर सोना 98,000 रुपये के स्तर पर देखा जा सकता है। हालांकि जून, 2025 के बाद इसमें नरमी देखी जा सकती है और यह 85,000 रुपये तक गिर सकता हैं। आगे सोना 70,000 रुपये तक भी गिर सकता है। वहीं, घरेलू बाजार में चांदी 96,000 के स्तर पर है। औद्योगिक मांग बढ़ने से अगली अक्षय तृतीया तक यह 1.30 लाख के स्तर पर पहुंच सकती है। गोल्ड-सिल्वर रेश्यो यही संकेत दे रहा है। इसलिए, इस अक्षय तृतीया पर सोना सिर्फ शगुन के लिए खरीदें। बेहतर रिटर्न के लिए चांदी में पैसा लगाएं।
- अजय केडिया, निदेशक, केडिया एडवाइजरी



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