आंध्र प्रदेश में वायुसेना का परीक्षण
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भारतीय वायुसेना ने यहां दो दिन तक संयुक्त गाइडेड हथियारों के संचालन का अपनी तरह का पहला अभ्यास किया। क्रास बो-18 के कोडनेम से आयोजित इस अभ्यास में आंध्र प्रदेश के सूर्यलंका स्थित एयरफोर्स स्टेशन से गाइडेड मिसाइलों को थल से नभ में सफलतापूर्वक छोड़ा गया।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ और अन्य वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों की मौजूदगी में शुक्रवार को शुरू हुआ यह अभ्यास शनिवार को पूरा किया गया। वायुसेना की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, अभ्यास के दौरान चार विभिन्न श्रेणियों आकाश, स्पाइडर, ओएसए-एके-एम और आईजीएलए मिसाइलों को सफल तरीके से छोड़ा गया।
क्रास बो-18 को वायुसेना के लिए एक और मील का पत्थर बताते हुए एयर चीफ मार्शल धनोआ ने मिसाइल कांबेट क्रू के सदस्यों की तारीफ की। धनोआ ने कहा, इस अभ्यास से मिसाइल स्क्वाड्रन क्रू को अपना स्किल सुधारने में मदद मिलेगी और यह देश की वायु सेना से जुड़ी तैयारियों को भी मजबूती देगा।
दक्षिणी एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल बी. सुरेश, एयरफोर्स स्टेशन कमांडर ग्रुप कैप्टन आरएम कुमारासामी और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने सभी वायु सैनिकों से किसी भी परिस्थिति के लिए तत्काल हवाई गतिविधियां संचालित करने की तैयारी रखने को भी कहा।