जगदम्बिका पाल, अध्यक्ष, संसदीय समिति वक्फ (संशोधन) विधेयक
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जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने क्या कहा था?
समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बैठक को लेकर कहा था कि शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल गवाह के तौर पर आए थे। एक प्रतिनिधिमंडल मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से था। दूसरा प्रतिनिधिमंडल लॉयर्स फॉर जस्टिस का था, जिसमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वकील शामिल थे। उन्होंने अच्छा प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने विस्तृत शोध कार्य किया है, जो हमारी रिपोर्ट के लिए भी उपयोगी होगा।
उन्होंने कहा था कि भले ही यह हमारे अधिकार क्षेत्र में न हो, लेकिन हमारे सदस्यों ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय से कहा कि इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए, लेकिन मुझे दुख है कि आज की बैठक इतनी महत्वपूर्ण थी, लेकिन जिस तरह से कल्याण बनर्जी ने बैठक में बेवजह हंगामा किया, वेल में घुसकर बहस करने की कोशिश की और गाली-गलौज भी की, मुझे लगता है कि उन्होंने आज सारी हदें पार कर दीं और सारी मर्यादाएं तोड़ दीं।
उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि पूरा देश, पूरी दुनिया यह देख रही है...वह नहीं चाहते थे कि हम मीरवाइज उमर फारूक को भी सुनें, हमारे सभी सदस्य इससे आहत हैं। हमने बैठक दो बार स्थगित की, लेकिन उन्होंने अपना मन बना लिया था आज बैठक न होने देने के लिए... इसके बाद निशिकांत दुबे ने प्रस्ताव रखा और कुछ सदस्यों को बाहर भेजना पड़ा, जेपीसी सदस्य होने के बावजूद वे बाहर ही बयान देते हैं।