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13 दिसंबर 2001: दहशत के वो पल जब दहल गया था भारतीय लोकतंत्र का मंदिर

Wed, 13 Dec 2017 04:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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13 दिसंबर 2001 यह दहशत की वह तारीख है जिस दिन भारतीय लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाली संसद में जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले को आज 17 साल बीत हो चुके हैं। हालांकि संसद को देश की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है, लेकिन आतंकियों ने इसे भी अपना निशाना बनाया था। आईए जानते हैं दहशत के वो पल जब आतंकियों के फायरिंग के जवाब में संसद परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भी गोलीबारी शुरू कर दी थी।... 
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13 दिसंबर 2001: इसी दिन संसद पर हमला हुआ था, पांच आतंकी संसद परिसर में घुस आए थे। उन्होंने 12 लोगों की जान ले ली थी और 15 लोग घायल हो गए थे।

 
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parliament attack
15 दिसंबर 2001: इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अफजल गुरु, शौकत हसन और प्रोफेसर एस ए आर गिलानी को गिरफ्तार किया गया था।

 

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parliament attack
25 दिसंबर 2001: हमले के तार मसूद अजहर से जुड़ने के बाद पाकिस्तान ने उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की थी।

 
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18 दिसंबर 2002: मामले की सुनवाई कर रही ट्रायल कोर्ट ने इसी दिन अफजल गुरु, शौकत हसन और गिलानी को मौत की सजा देने का ऐलान किया था।

 
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29 अक्टूबर 2003: इस दिन गिलानी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था, वहीं बाकी दोनों की सजा को सही ठहराया गया था।

 
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4 अगस्त 2005: मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका था, वहां हसन की सजा को दस साल कर दिया गया, लेकिन अफजल की फांसी को उन्होंने भी बरकरार रखा था।

 

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अफजल गुरु ने उसे मिली सजा ए मौत पर रिव्यू पिटीशन दायर की थी, जिसे 12 जनवरी 2007 को खारिज कर दिया गया था।

 

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Afzal Guru - फोटो : File Photo
9 फरवरी 2013 के दिन अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। 
 
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मुठभेड़ में सभी आतंकी मारे गए लेकिन वहीं 12 जवान भी इस हमले में शहीद हुए थे। बता दें कि जिस वक्त संसद पर हमला हुआ उस समय कुछ नेता अपने घरों के लिए निकल गए थे लेकिन कुछ संसद भवन में ही मौजूद थे।
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