फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षा ड्रिल और वो 37 सेकेंड जिनसे बदल सकता था टाइटेनिक का भाग्य

Thu, 14 Apr 2016 04:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 11
टाइटैनिक हादसा
14 और 15 अप्रैल के मध्यरात्रि को दुनिया सबसे बड़ा जहाज टाइटनिक डूबा था जिसमें करीब 1500 लोगों की मौत हो गई थी। जानें इस हादसे के बारे में 10 अनुसनी बातें।
विज्ञापन

1- खतरे से बचने के लिए नहीं हुई ड्रिल

2 of 11
टाइटैनिक हादसा
हिस्टोरी नाइटीन्स अबाउट डॉट कॉम के अनुसार, हादसे से हपले 14 अप्रैल को एक जीवन रक्षक ड्रिल होनी थी जो रद्द कर दी गई थी और उसी दिन रात को हादसा हो गया। ये ड्रिल होती तो बहुत सी जानें बच सकती थीं।
विज्ञापन

2- कुछ ही सेकंड में हुआ हादसा

3 of 11
टाइटैनिक हादसा
हादसे की जांच में पता चला है जहाज के कैप्टन के पास 37 सेकेंड का टाइम था जिसमें एलर्ट जारी का हादसे से बचा जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इंजन में मौजूद अफसर रिवर्स गियर डालता उससे पहले जहाज एक चट्टान से टकरा गया।

3- सभी सुविधाओं से लैश था टाइटैनिक

4 of 11
टाइटैनिक हादसा
टाइटेनिक जब 1900 लोगों को लेकर रवाना हुआ था तब उसमें अपनी खुद की सारी सुविधाएं यहां तक कि अपना अखबार भी था जिसमें सोसाइटी से जुड़ी हर गतिविधि लोगों को दी जाती थी।
विज्ञापन

4- जीवन रक्षक नावें पर्याप्त नहीं थीं

5 of 11
टाइटैनिक हादसा
हादसे की जांच में यह भी सामने आया कि टाइटैनिक में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक नाव नहीं थे। 40 नावों की जगह मात्र सात नाव ही थे जिससे बहुत कम लोग डूबने से बच पाए।
विज्ञापन

5- पास वाले जहाज से नहीं मांगी मदद

6 of 11
हादसे में यह भी सामने आया था कि जब टाइटैनिक डूब रहा था तक उसके नजदीक कारपैथिया जहाज था लेकिन टाइटैनिक के अधिकारियों ने बहुत दूर यात्रा कर रहे कैल्फोर्नियाई जहाज से मदद मांगी। इतना ही नहीं रात पौने एक बजे का वक्त होने के कारण कैल्फोर्निया जहाज के अधिकारियों ने टाइटैनिक की गुहार पर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन

6- टाइटैनिक से दो कुत्ते जीवित बचाए गए

7 of 11
बताया जा रहा है कि टाइटैनिक के डूबते वक्त उसमें नौ कुत्ते भी मौजूद थे जिसमें दो को ‌जिंदा बचा लिया गया था।

7- टाइटैनिक की एक चिमनी दिखावटी थी

8 of 11
टाइटैनिक में दिख रही सफेद और काले रंग की चार ‌चिमनियों में तीन काम की थीं जबकि एक दिखावटी। इंजीनियरों का मानना था कि तीन चिमनियों की बजाए टाइटैनिक में चार चिमिनियां अच्छी दिखती हैं।

8- टाइटैनिक से निकली लाखों चिट्ठियां

9 of 11
टाइटैनिक को एक डाक वाहन के तौर पर इस्तेमाल करने की भी योजना थी। इसके लिए इसमें अमेरिका और ब्रिटेन के डाक विभाग दफ्तर खोलकर कर्मचारी रखे गए थे। जहाज के डूबने के वक्त चिट्ठियों के करीब साढ़े तीन हजार बंडल और लाखों लेटर मौजूद थे।

9- हादसे के दो दिन बाद निकली लाशें

10 of 11
titanic
17 अप्रैल 2012 को हादसे के दो दिन बाद करीब 300 से ज्यादा लाशें निकली थी। इसमें से 100 से ज्यादा क्षत-विक्षत लाशों को समुद्र में दफन कर दिया गया था।
विज्ञापन

10- टाइटैनिक में केवल दो बाथटब ही थे

11 of 11
तमाम सुविधाओं वाले टाइटैनिक में एक ही बाथरूम में कई-कई लोगों को नहाना पड़ता था। 1900 यात्रियों वाले जहाज में दो ही बा‌थटब मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें