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टीटीई- आपका टिकट कहां है? यात्री ने दिया ऐसा जवाब कि हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट

Sat, 17 Oct 2026 05:01 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Hindi Jokes: ट्रेन में टिकट चेक करने वाले टीटीई और यात्रियों के बीच होने वाली बातचीत कई बार मजेदार मोड़ ले सकती है। टिकट संभालने, सीट ढूंढने और स्टेशन छूटने की चिंता पर आधारित ये पांच जोक्स रेल सफर की आम बातों को हंसी के अंदाज में पेश करते हैं।
 
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फनी मजेदार जोक्स - फोटो : freepik

ट्रेन का सफर अपने आप में मजेदार होता है। खिड़की से बाहर भागते पेड़, स्टेशन पर चाय की आवाज लगाते विक्रेता और सीट पर बैठे यात्रियों की बातचीत सफर को यादगार बना देती है। लेकिन ट्रेन में सबसे दिलचस्प बातचीत तब होती है, जब टिकट चेक करने टीटीई पहुंच जाते हैं। किसी यात्री को अपनी सीट की चिंता होती है तो कोई टिकट दिखाने के लिए जेब टटोलने लगता है। कुछ यात्री तो ऐसे जवाब देते हैं कि सामने वाला भी अपनी हंसी नहीं रोक पाता। टीटीई और यात्रियों के बीच टिकट, सीट और सफर को लेकर होने वाली बातचीत पर कई मजेदार चुटकुले भी बनते हैं। इन जोक्स की खासियत यह है कि इनमें रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी बातें होती हैं और जवाब बिल्कुल उम्मीद से उलट निकलते हैं। अगर आपने भी कभी ट्रेन में सफर किया है तो इनमें से कुछ बातें आपको जानी-पहचानी लग सकती हैं। तो चलिए पढ़ते हैं टीटीई और यात्रियों के पांच मजेदार जोक्स, जिनमें टिकट की चिंता भी है और हंसाने वाले जवाब भी।

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जोक्स इन हिंदी - फोटो : Adobe Stock

टीटीई - आपका टिकट कहां है?
यात्री - जी, अभी दिखाता हूं।
टीटीई - जल्दी दिखाइए, मेरे पास बहुत काम है।
यात्री जेबें टटोलने लगता है।
टीटीई - क्या हुआ? टिकट नहीं मिल रहा?
यात्री - मिल जाएगा साहब, बस थोड़ी देर दीजिए।
टीटीई - टिकट रखा कहां था?
यात्री - यही तो याद कर रहा हूं। टिकट लेते समय तो बहुत संभालकर रखा था, अब संभालने के चक्कर में ही नहीं मिल रहा!
टीटीई - टिकट संभालना था या छिपाकर रखना था?
यात्री - साहब, अगर छिपाना होता तो आपको दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों करता!

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वायरल फनी जोक्स - फोटो : Freepik

यात्री - साहब, मेरी सीट पर कोई और बैठा है।
टीटीई - आपने उसे अपना टिकट दिखाया?
यात्री - जी, दिखाया था।
टीटीई - फिर उसने क्या कहा?
यात्री - बोला कि टिकट तो आपकी सीट का है, लेकिन सीट पर मैं बैठा हूं!
टीटीई - फिर आपने क्या किया?
यात्री - साहब, मैं भी समझदार हूं। मैंने उसे अपना टिकट दिया और खुद उसकी सीट ढूंढने निकल पड़ा!
टीटीई - अरे भाई, टिकट वापस लीजिए और अपनी सीट पर बैठिए। ट्रेन में सीट का फैसला टिकट से होता है, बहस से नहीं!

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मजेदार फनी जोक्स - फोटो : freepik

टीटीई - आपको कहां तक जाना है?
यात्री - साहब, दिल्ली तक।
टीटीई - टिकट भी दिल्ली तक का है?
यात्री - जी साहब।
टीटीई - तो फिर बार-बार खिड़की से बाहर देखकर परेशान क्यों हो रहे हैं?
यात्री - साहब, टिकट तो दिल्ली तक का है, लेकिन रास्ते में इतने स्टेशन आ गए कि अब लग रहा है दिल्ली कहीं विदेश में तो नहीं!
टीटीई - चिंता मत कीजिए, दिल्ली आएगी जरूर।
यात्री - धन्यवाद साहब! घर पर भी यही भरोसा दिला दीजिए कि मैं सही रास्ते पर हूं!

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जोक्स का खजाना - फोटो : Adobe Stock/Amar Ujala

टीटीई - आपका टिकट दिखाइए।
यात्री - साहब, टिकट मोबाइल में है।
टीटीई - तो मोबाइल निकालिए।
यात्री मोबाइल निकालकर स्क्रीन देखने लगता है।
टीटीई - क्या हुआ?
यात्री - साहब, मोबाइल की बैटरी खत्म होने वाली है।
टीटीई - तो जल्दी टिकट खोलिए!
यात्री - साहब, टिकट खोलने से पहले मोबाइल को थोड़ा हौसला दे रहा हूं।
टीटीई - मोबाइल को हौसला क्यों?
यात्री - क्योंकि टिकट दिखाने की जिम्मेदारी उसी की है और सफर अभी लंबा है!
टीटीई - अच्छा, अब इसे चार्जर भी दे दीजिए, कहीं ये बीच रास्ते में छुट्टी पर न चला जाए!

(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)
 

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