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बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं नकली अंगूठे, इस्तेमाल जानेंगे तो बाल नोच लेंगे अपने

Thu, 11 Oct 2018 03:36 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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fake thumb
नौकरीपेशा लोगों के लिए हर दिन की चुनौतियों में समय पर दफ्तर पहुंचना भी शामिल है। पहले के जमाने में बॉस से पहले पहुंच जाने पर आप 'सही समय' पर आने वालों में गिन लिए जाते थे। लेकिन बायोमेट्रिक मशीन के आ जाने के बाद एक मिनट से देर होने पर भी आप 'लेट' वाली लिस्ट में शुमार कर लिए जाते हैं। लेकिन एक कहावत है, कि इसांनी दिमाग ने मशीनों को बनाया है, मशीनों ने इंसान को नहीं। इसलिए जब मशीन, इंसान को परेशान करती है तो इसका कोई न कोई तोड़ निकाल ही लेता है।
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Biometric
वैसे शुरुआत में बायोमैट्रिक मशीन का इस्तेमाल सुरक्षा के मद्देनजर किया जाना शुरू हुआ था लेकिन बाद में इसके जरिए कर्मचारियों की अटेंडेंस और बाहर आने जाने की गतिविधियों को नोट करने के लिए किया जाने लगा ताकि व्यवस्था बनी रहे। लेकिन जालसाजों ने इसे भी नहीं बख्शा।

 
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नकली अंगूठों की मदद से बिना उपस्थिति के हाजिरी लगाई जा सकती है। बाजार में ऐसे अंगूठे आसानी से मिल जा रहे हैं। सिर्फ 300 से 500 रुपये में नकली अंगूठें कहीं और नहीं बल्कि उस राज्य में बिक रहे हैं जहां सुशासन की बातें कही जा रही हैं।

 

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fake thumb
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में नकली अंगूठे बनाने वाले एक गिरोह के बारे में पता चलेगा। शातिर बड़ी कलाकारी के साथ अंगूठे बना रहे थे। उनकी ट्रिक जानकर विश्वास नहीं होगा। इसी तरीके से वो आधार कार्ड में गड़बड़झाला कर रहे हैं।

 
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fake thumb
जालसाज पहले किसी अंगूठे के निशान को सादे कागज पर लेते हैं। स्कैनर की मदद से उसको स्कैन किया जाता है और फिर फोटोशॉप और केमिकल की मदद से रबर के अंगूठे तैयार किए जाते हैं। जोकि बायोमैट्रिक मशीन पर काम करते हैं।

 
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बायोमैट्रिक डाटा
चंदौली में सरकारी और गैरसरकारी लोग धड़ाधड़ इसको खरीद रहे हैं और इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, मतलब साफ है कि तू डाल-डाल मैं पात-पात।
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