नौकरीपेशा लोगों के लिए हर दिन की चुनौतियों में समय पर दफ्तर पहुंचना भी शामिल है। पहले के जमाने में बॉस से पहले पहुंच जाने पर आप 'सही समय' पर आने वालों में गिन लिए जाते थे। लेकिन बायोमेट्रिक मशीन के आ जाने के बाद एक मिनट से देर होने पर भी आप 'लेट' वाली लिस्ट में शुमार कर लिए जाते हैं। लेकिन एक कहावत है, कि इसांनी दिमाग ने मशीनों को बनाया है, मशीनों ने इंसान को नहीं। इसलिए जब मशीन, इंसान को परेशान करती है तो इसका कोई न कोई तोड़ निकाल ही लेता है।