सार
हिमाचल के हमीरपुर जिले के दुर्गम ऊहल क्षेत्र की छात्रा भार्गवी ठाकुर ने बरसात में पुलों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्मार्ट मॉडल तैयार किया है। पुल पर पानी खतरे के स्तर तक पहुंचते ही सेंसर सक्रिय होंगे और दोनों छोर पर लगे बैरिकेड अपने आप बंद हो जाएंगे। हूटर और लाल बत्ती के जरिए वाहन चालकों को भी खतरे की चेतावनी मिलेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ना अक्सर जानलेवा साबित हो जाता है। कई बार पुल के ऊपर पानी बहने के बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर उसे पार करने की कोशिश करते हैं। इसी समस्या का तकनीकी समाधान तलाशते हुए हमीरपुर की एक स्कूली छात्रा ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो खतरा बढ़ते ही पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकने में मदद करेगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊहल की 12वीं कक्षा की नॉन मेडिकल छात्रा भार्गवी ठाकुर ने ‘सेफ एंड स्मार्ट ब्रिज’ मॉडल तैयार किया है। सुजानपुर में आयोजित बाल विज्ञान सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए इस मॉडल का चयन अब जिलास्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के लिए हुआ है।
पानी बढ़ते ही बंद होंगे दोनों छोर के बैरिकेड
भार्गवी के मॉडल में पुल के दोनों सिरों पर सेंसर से जुड़े स्वचालित बैरिकेड लगाए गए हैं। जैसे ही पुल पर पानी का स्तर निर्धारित खतरे की सीमा तक पहुंचेगा, सेंसर सक्रिय हो जाएंगे। सेंसर के सक्रिय होते ही दोनों तरफ के बैरिकेड अपने आप बंद हो जाएंगे और पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। इसके साथ ही हूटर बजने और लाल चेतावनी लाइट जलने की व्यवस्था भी की गई है। इससे वाहन चालकों को ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों से खतरे का संकेत मिलेगा और वे पुल पर पहुंचने से पहले ही रुक सकेंगे।