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26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च, किसानों की तैयारियां जान दंग रह जाएंगे आप 

Mon, 18 Jan 2021 05:21 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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किसानों की तरफ से 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली की तैयारियां जोरों से चल रही है। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना लगातार जारी है। सरकार से नौ दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अब 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंडली बॉर्डर पर कई जगह मैकेनिक स्टॉल लगाकर ट्रैक्टरों को रिपेयर कर रहे हैं। वहीं कई ट्रैक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से अलग रूप दिया जा रहा है। 
 
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किसानों की तरफ से ट्रैक्टर पर लगवाया लोहे का जाल। - फोटो : अमर उजाला
ट्रैक्टर यात्रा में शामिल होने वाले ट्रैक्टरों में केबिन लगवाए गए हैं, जिसमें शीशे भी लगे हैं। किसानों ने बताया कि यह ट्रैक्टर अग्रिम पंक्ति में चलेंगे जबकि इनके पीछे दूसरे सभी ट्रैक्टर चलेंगे। ट्रैक्टर यात्रा के दौरान सरकार द्वारा आंसू गैस व वाटर कैनन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका के कारण इस तरह की तैयारी की जा रही है।


 
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ट्रैक्टर पर बनवाया गया केबिन। - फोटो : अमर उजाला
लाठीचार्ज होने पर स्वयं को बचाने के लिए किसानों ने ट्रैक्टरों पर लोहे के जाल लगवाने शुरू कर दिए हैं। जिससे वह लाठियों से बच सके। इतना ही नहीं कुछ किसानों ने पूरे ट्रैक्टर पर लोहे के एंगल लगवा लिए हैं। जिससे लाठीचार्ज होने की स्थिति में उनका ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त होने से बच सके।

 

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ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली लाए जा रहे किसान संगठनों के झंडे। - फोटो : अमर उजाला
डीजल का किया जा रहा स्टॉक
किसानों ने बताया कि वह हर तरह से तैयार हैं और ट्रैक्टर यात्रा के लिए डीजल तक का स्टॉक कर रहे हैं। एक ट्रैक्टर पर 3 से 6 किसान ही मौजूद रहेंगे जबकि महिलाओं को भी ट्रैक्टर यात्रा में शामिल किया गया है। सभी रणनीति तैयार की जा चुकी हैं और हर रणनीति की बारीकियों से एक-दूसरे को अवगत करवाया जा रहा है।


 
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ट्रैक्टर रैली के लिए पहुंचे युवा सेल्फी लेते हुए। - फोटो : अमर उजाला
वहीं अंदेशा यह भी है कि इस ट्रैक्टर परेड में असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों के साथ ही किसान संगठनों ने खुद यह आशंका जताई है। इसलिए ही किसान परेड में असामाजिक तत्वों को शामिल होने से रोकने के साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। किसान संगठनों ने अपनी ओर से असामाजिक तत्वों की पहचान करके उनको परेड में शामिल होने से रोकने के लिए वालंटियर तैनात करने का फैसला लिया है।
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