सोनीपत के भावड़ गांव की पूनम ने जेठ संदीप की बेटी विधि की पानी में डुबोकर हत्या की थी। पूनम की गिरफ्तारी के बाद विधि की मां राखी उसके बेटे शुभम को अपने साथ घर ले आई। राखी ही पूनम के बेटे को दूध पिला रही है। पूनम के जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया।
कभी-कभी रिश्तों के बोझ तले दर्द भी अपना रूप बदल लेता है। पानीपत के नौल्था गांव में पूनम ने जिस मासूम विधि (6) की पानी में डुबोकर निर्ममता से हत्या की, उसी विधि की मां राखी आरोपी पूनम के दो साल के बेटे शुभम को अपने सीने से लगाकर दूध पिला रही है।
सोनीपत के भावड़ गांव व हाल वेस्ट रामनगर निवासी विधि (6) अपनी मां राखी, पिता संदीप, दादा पाल सिंह और दादी ओमपति के साथ पानीपत के नौल्था में शादी समारोह में गई थी। शादी समारोह में एक दिसंबर को विधि का पानी के टब में शव मिला था। पुलिस जांच में पता चला संदीप के चचेरे भाई भावड़ गांव निवासी नवीन की पत्नी पूनम ने ही पानी में डुबोकर विधि की हत्या की थी।
विज्ञापन
2 of 15
आरोपी साइको किलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूनम के जुर्म कबूलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूनम की गिरफ्तारी के समय उसके साथ दो साल का बेटा शुभम भी था। राखी की खुद की बेटी तो हत्या कर दी गई लेकिन वह हत्यारोपी पूनम के बच्चे शुभम को बिलखता देख अपने साथ सोनीपत ले आई। राखी के आंचल में पहले से ही एक 10 माह का बच्चा दिव्य है।
विज्ञापन
3 of 15
विधि का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राखी को मालूम है कि पूनम ने उसकी छह साल की मासूम बेटी की हत्या की, इसके बावजूद बिना भेदभाव के राखी ने न सिर्फ पूनम के बेटे को सीने से लगाया बल्कि वह उसे अपना दूध भी पिला रही है।
4 of 15
इसी कमरे में मिला था विधि का शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बरात विदाई के समय घर खाली होने पर की बच्ची की हत्या
एसपी ने बताया कि एक दिसंबर को नौल्था गांव में सतपाल के बेटे अमन की शादी थी। बरात विदा करने के समय विधि लापता हो गई। उसका शव एक कमरे के स्टोर रूम में पानी के टब में मिला। पूनम ने पुलिस को बताया कि बरात विदाई के समय वह विधि को लेकर घर पर आ गई। उसने स्टोर रूम में पानी का टब रखा और पानी में डुबोकर विधि की हत्या कर दी। वह स्टोर की बाहर से कुंडा लगाकर फिर से शादी समारोह में शामिल हो गई।
विज्ञापन
5 of 15
शुभम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच फीट गहरे स्टोरेज टैंक में मिले थे शुभम और रितिका के शव
सोनीपत के गोहाना के भावड़ गांव में 12 जनवरी 2023 को नवीन के घर के बाहर बने पानी के पांच फीट गहरे स्टोरेज टैंक में पूनम के तीन साल के बेटे और उसकी ननद पिंकी की सात वर्षीय बेटी रितिका का शव मिला था।
विज्ञापन
6 of 15
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साइको किलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे वाले दिन नवीन की बहन पिंकी गंगाना गांव से अपनी बेटी रितिका को लेकर मायके आई थी। स्कूल की छुट्टियां थीं। सब बच्चे घर में ही खेल रहे थे। दोपहर में रितिका और शुभम खेलते-खेलते टैंक की ओर चले गए। दो घंटे बाद भी बच्चे नजर नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू की गई। टैंक के पास बच्चों की चप्पलें दिखीं तो परिजनों ने स्लैब हटाया। रितिका पानी की ऊपर की सतह पर उतरा रही थी जबकि शुभम नीचे पानी में डूबा हुआ था।
विज्ञापन
7 of 15
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साइको किलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले बेटे की मौत के बाद दूसरे का नाम रखा शुभम
रिश्तेदार ने बताया कि शुभम की मौत के बाद दूसरे बेटे का जन्म हुआ तो परिवार ने उसका नाम भी शुभम रख दिया। शुभम के नाम से ही पूनम के पति वॉशिंग स्टेशन चलाते हैं। मामले को लेकर परिवार का कोई सदस्य कुछ कहने को तैयार नहीं है। नवीन के भाई प्रवीन ने सिर्फ इतना कहा कि पूनम का व्यवहार घर में सही था।
8 of 15
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साइको किलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूनम का हाल देख हर कोई रोया था
पड़ोसियों का कहना है कि पौने दो साल पहले दो मासूम बच्चों के शव मिलने के बाद पूनम ने खूब आंसू बहाए थे। उस समय पूनम का हाल देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया था। पूनम मासूम बच्चों की हत्या कर सकती है यह सोचकर ग्रामीण भी स्तब्ध हैं। पूनम का स्वभाव बेहद सौम्य था। परिवार के लोग उसे जिम्मेदार मानते थे।
9 of 15
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साइको किलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर से कम बाहर निकलती थी पूनम
ग्रामीणों का कहना है कि पूनम घर से कम ही बाहर निकलती थी। हालांकि, वह जब भी किसी से मिलती तो बेहद सहज भाव से मिलती थी। सोनीपत के वेस्ट रामनगर में संदीप के घर आए रिश्तेदार भी यही कहते दिखाई दिए कि वह सभी की इज्जत करती थी।
10 of 15
जिया की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चचेरा भाई बोला-पूनम पर पहले से ही शक था
तीन बच्चियों और खुद के बेटे की हत्या के मामले में आरोपी पूनम के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। आरोपी के खिलाफ सिवाह गांव में भतीजी जिया की हत्या के आरोप में थाना सेक्टर-29 पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मृतक बच्ची के पिता दीपक ने सेक्टर-29 थाने में दी शिकायत में देकर बताया कि उन्हें पहले से ही पूनम पर शक था। सिवाह गांव के दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ड्राइवर है उसके दो बच्चे थे।
11 of 15
Lady Psycho Killer
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इसमें बड़ा बेटा और छोटी बेटी जिया। उसके चाचा की लड़की पूनम मई में सिवाह आई हुई थी। वह कभी-कभी उनके घर भी आ जाती थी। 18 अगस्त की रात को वह उनके घर पर ही सोई हुई थी। उसने जिया को भी अपने साथ सुलाया था। 19 अगस्त की सुबह जब वह उठे तो जिया नहीं मिली। जब उसकी तलाश की तो उसका शव पास में ही चाचा जसबीर के प्लाट में बनी पानी की टंकी में मिला था।
12 of 15
गिरफ्तार महिला
- फोटो : संवाद
दीपक का आरोप है कि उन्हें पूनम पर शक था और इस बारे में उसने घरवालों से बात भी की थी लेकिन घरवालों ने ध्यान नहीं दिया और कोई कार्रवाई नहीं की और जिया के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। अब उन्हें पक्का विश्वास है कि पूनम ने ही जिया की हत्या की थी। पुलिस ने दीपक की शिकायत पर आरोपी पूनम के खिलाफ हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
13 of 15
साइको किलर पूनम
- फोटो : अमर उजाला
सिवाह गांव के दीपक ने अपनी बेटी के हत्या के आरोप लगाते हुए पूनम के खिलाफ शिकायत दी है। इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। -भूपेंद्र सिंह, एसपी पानीपत।
14 of 15
हरियाणा की साइको किलर पूनम
- फोटो : अमर उजाला
मनोरोग विशेषज्ञ राय: मस्तिष्क में उत्तेजक रसायन बढ़ने से होते हैं ऐसे मामले
आखिर इसकी क्या वजह हो सकती है कि किसी बच्चे की सुंदरता से चिढ़कर महिला उसकी हत्या कर दे...। पानीपत की साइको किलर पूनम के मामले में यह सवाल किसी के भी मन में आ सकता है। इसका जवाब मनोचिकित्सक के पास है। जिला नागरिक अस्पातल से मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि अगर मस्तिष्क में उत्तेजक न्यूरोकेमिकल बढ़ जाएं तो इंसान का व्यवहार इस हद तक बिगड़ सकता है कि वह आवेग में हत्या जैसी वारदात कर सकता है।
उन्होंने बताया कि डोपामिन और ग्लूटामेट जैसे रसायनों के अत्यधिक सक्रिय होने और गाबा जैसे शांत करने वाले रसायन के कम हो जाने पर दिमाग का ब्रेक सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति छोटी बात पर भी अनियंत्रित प्रतिक्रिया दे सकता है। गुस्सा बढ़ता है और जोखिम भरे फैसले लेने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस स्थिति को साइकोसिस की प्रणाली कहते हैं।
चिकित्सक के अनुसार, न्यूरोकेमिकल का उतार-चढ़ाव अकेले अपराध का कारण नहीं बनता लेकिन ये ईर्ष्या, आक्रामकता, असुरक्षा और बिना सोचे समझे व्यवहार करना (आवेगशीलता) को तेज कर देते हैं। मानसिक तनाव, नींद की कमी, अकेलापन किसी से बातचीत न होने जैसी परिस्थिति और पारिवारिक दबाव इन प्रभावों को और बढ़ा देते हैं।
यही कारण है कि कई बार सामान्य दिखने वाले लोग भी अचानक गंभीर अपराध कर बैठते हैं। जब दिमाग का संतुलन बिगड़ने भावनाएं नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं तो यह स्थिति ऐसी घटनाओं की वजह बनती है। ऐसी स्थिति में धारणा से उत्पन्न खतरे (परशेप्सनल थ्रेट्स) पैदा होते हैं। इसमें इंसान मनगढ़ंत भावना बनाकर हिंसात्मक व्यवहार कर सकता है। डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि पानीपत के मामले को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि इसमें न्यूरोकेमिकल असंतुलन, तनाव, ईर्ष्या और नियंत्रण खोने की स्थिति एक साथ हो सकती है। ऐसी स्थिति में ही इंसान का व्यवहार इस हद तक विकृत हो सकता है।
क्या है साइकोसिस
एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें वास्तविकता से संपर्क टूट जाता है, जिसके कारण मतिभ्रम (ऐसी चीजें देखना या सुनना जो मौजूद नहीं हैं) और भ्रम (ऐसी बातों पर विश्वास करना जो सच नहीं हैं) जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक प्रणाली के रूप में काम करता है क्योंकि इसके कई अंतर्निहित कारण हो सकते हैं, जैसे कि मानसिक विकार। साइकोसिस एक प्रकार का प्रकरण होता है, जो अचानक शुरू होता है और व्यक्ति को सोचने, कार्य करने और महसूस करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।