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तीन माह में देना होगा जुर्माना, छह माह में पर्यावरण के लिए योजना करें लागू
एनजीटी ने इन कंपनियों को जुर्माना तीन माह में देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अपने आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह जुर्माना राशि पर्यावरण को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए खर्च की जाएगी। एनजीटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव अर्बन डेवलेपमेंट, हरियाणा स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड, जिला मजिस्ट्रेट, सोनीपत की कमेटी बनाकर उसकी देखरेख में खर्च करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तीन महीने में योजना बनाने और 6 महीने में योजना को लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
वहीं पर्यावरण मुआवजे के लिऐ सोनीपत जिला मजिस्ट्रेट और सेंट्रल पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड को नोडल अथॉरिटी बनाया गया है। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि उपरोक्त कंपनियों को पर्यावरण नियमों के तहत अथॉरिटी जब तक क्लीरियंस या एनओसी ना दे दे, तब तक वह प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर सकते।
वहीं जिला मजिस्ट्रेट व पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड को देखना है कि किसी भी क्षेत्र में गंदा पानी या गंदगी ना डाली जाए और इन क्षेत्रों में डीजल जनरेटर भी ना चला जाएं। एनजीटी के लिए चेयरपर्सन आदर्श कुमार गोयल, ज्यूडीशियन मेंबर सुधीर अग्रवाल, पुष्पा सत्यनारायण, एक्सपर्ट मेंबर ए सेंथिल वेल की टीम ने यह ऑर्डर दिए हैं।
एनजीटी के आदेश मिले हैं। इन आदेशों को कानूनी विशेषज्ञों से एग्जामिन करवाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के आदेश के तहत कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना नहीं होने दी जाएगी। -ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत