कार्यक्रम के दौरान रागनी प्रस्तुत करते महाशय पालेराम दहिया।
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फेसबुक पर पालेराम दहिया के हरियाणवी रागिनी फैन पेज पर फॉलोअर्स की संख्या भी पांच हजार से अधिक है। उनकी गाई गई रागिनी बुरा मान चाहे भला मान, तू मारती कदे वो मारता, सर में भड़क आंख में पानी सहित अन्य ने साबित कर दिया कि वो भी किसी से कम नहीं हैं।
रागिनियों के साथ ही पालेराम दहिया अपने चुटकुलों से लोगों को गुदगुदाते थे। उनके चुटकुलों को सुनकर लोग लोटपोट हो जाते थे। उनकी अंतिम यात्रा रमेश कलाहवड़िया, सुरेश हडोली, अमित रोहणा, रणबीर बड़वासणी, सत्ते फरमाणा, नरेंद्र दांगी, नरेंद्र खरकराम, उत्तर प्रदेश से पैप्सी व संजय ठेकेदार सहित अन्य पहुंचे।