एआई तकनीक से निर्मित बाबा साहेब आंबेडकर का चित्र।
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कला संग्रह के मुख्य आकर्षण
राजेश पी. सुब्रमण्यम की मूर्ति 'वी द पीपल ऑफ इंडिया' 'विविधता में एकता' के सांविधानिक सिद्धांत को साकार करती है। राहुल गौतम की म्यूरल 'इकोज ऑफ लिबर्टी' सांविधानिक पांडु लिपियों के तत्वों को आधुनिक डिजाइन के साथ मिलाकर तैयार की गई है। हर्षा दुर्गड्डा की 'त्रिआड ऑफ यूनिटी' में एकता, न्याय और संप्रभुता के विषयों को जोड़ा गया है। निशांत एस. कुम्भाटिल की 'इंसाफ की देवी' भारतीय कानून में निष्पक्षता का प्रतीक, न्याय की देवी को दर्शाती है। प्रदीप बी. जोगदंड की 'कानून के समक्ष समानता' समानता और न्याय का प्रतीक है। देवल वर्मा की बड़ी 'चुनौतियों का नक्शा', दर्शकों को मूल्य और सुंदरता की अवधारणाओं पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती है। केआर नरीमन की 'फ्रीडम', 'वी, द पीपल' के सांविधानिक मूल्यों को प्रदर्शित करती हैं।