जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर 4 निवासी एएसआई संदीप लाठर की आत्महत्या की खबर से पूरे इलाके में शोक है। रविवार को ही संदीप अपने घर आए थे लेकिन मंगलवार को उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए।
मेरे पापा को लेकर आओ। यूं छोड़कर क्यों चले गए। बुधवार को लाढ़ौत गांव पहुंची 14 साल की बेटी रूपक चीख-चीखकर यह कह रही थी। परिवार की महिलाओं ने जब तक उसे संभाला, वह बेहोश हो गई। किसी तरह पानी पिलाकर परिजन होश में लेकर आए। वहीं संदीप लाठर की बहनों के भी आंसू नहीं थम रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे तीन गाड़ियों में रोहतक से संदीप की पत्नी, बहनें व बेटियां लाढ़ौत गांव में पहुंचीं। मुख्यमंत्री नायब सैनी से एक बहन ने सवाल किया। सीएम साहब, न्याय चाहिए।
मुख्यमंत्री ने न्याय का पूरा भरोसा दिया। इसके बाद बंद कमरे में सीएम ने संदीप की पत्नी संतोष व अन्य परिजनों से बातचीत की। डीसी को बुलाकर कानून के दायरे में जांच करने व पोस्टमार्टम कराने की कहकर चले गए।
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संदीप के परिजनों से मिलने पहुंचे इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला
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हुड्डा के जाते ही पहुंचे अभय
भूपेंद्र हुड्डा 4:30 बजे लाढ़ौत पहुंचे और एएसआई संदीप की मौत पर परिवार को सांत्वना दी। वह आधा घंटा गांव में रहे। जैसे ही उनकी गाड़ी रवाना हुई, तुरंत इनेलो नेता अभय चौटाला का काफिला पहुंच गया। उन्होंने भी परिवार का ढांढस बंधाया।
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सीएम के निर्देश पर परिजनों को समझाने पहुंचे ओएसडी
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दो बार गांव में आए ओएसडी
सीएम के आश्वासन के बाद भी परिवार के लोग पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। सीएम के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा गांव में आए। परिजनों से दो दौर की बातचीत की। एसडीएम आशीष व एएसपी शशि शेखर भी साथ रहे। देर रात तक परिवार पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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पिता का शव देखने के बाद बदहवास बेटी रुपक
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संदीप की आत्महत्या से जुलाना में छाया मातम
जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर 4 निवासी संदीप की आत्महत्या की खबर से पूरे इलाके में शोक है। रविवार को ही संदीप अपने घर आए थे लेकिन मंगलवार को उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। परिजनों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए।
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rohtak asi sandeep kumar
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यह था पूरा मामला
एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील कुमार को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर (42) ने मंगलवार दोपहर सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मौके से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। इस नोट और इससे पहले बनाए गए वीडियो में संदीप ने एडीजीपी पूरण कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बताया। कहा, भ्रष्टाचार केस में गिरफ्तारी के डर से ही पूरण कुमार ने खुदकुशी की थी।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
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गांव लाढ़ौत में मामा के खेत पर एएसआई ने की खुदकुशी
जींद के जुलाना निवासी संदीप लाठर रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित पुलिस क्वार्टर में मां इंद्रावती, पत्नी संतोष और तीन बच्चों (प्रतिभा, रूपक व विहान) के साथ रहते थे। पांच बहनों के वे इकलौते भाई थे। संदीप मंगलवार सुबह सादे कपड़ों में रोहतक जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर गांव लाढ़ौत में अपने मामा व पूर्व सरपंच बलवान के खेत में पहुंचे थे। यहीं पहली मंजिल पर बने कमरे (कोठड़े) में दोपहर करीब एक बजे सर्विस पिस्टल से कनपटी में गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
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कनपटी से खून की बौछार
गोली की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा यूपी के बहराइच जिले का निवासी जिलेदार कमरे में पहुंचा। जिलेदार ने बताया कि संदीप की कनपटी से खून की बौछार निकल रही थी। उसने तुरंत मालिक के बेटे अजीत को फोन करके सूचना दी। अजीत ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। एएसआई के सुसाइड की खबर मिलते ही एसपी सुरेंद्र कुमार भौरिया समेत तमाम अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई। करीब तीन घंटे तक टीम ने जांच की। एसपी ने बताया कि मौके से चार पेज का पत्र मिला है। हालांकि इसके आगे उन्होंने जांच का विषय बता दिया।
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रोहतक एसपी रहे नरेंद्र बिजारणिया
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नरेंद्र बिजारणिया को बताया ईमानदार अफसर
सुसाइड नोट में संदीप कुमार ने जातिवाद और भ्रष्टाचार की लड़ाई में खुद की शहादत को पहली बताया है। लिखा है कि एडीजीपी वाई पूरण कुमार जब से रोहतक के आईजी बनाए गए थे तभी से जातिवाद और भ्रष्टाचार कर रहे थे। नोट में तमाम आईएएस को भ्रष्ट बताते हुए रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया को ईमानदार अफसर लिखा गया है।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
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एएसआई संदीप का पूरा सुसाइड नोट
जींद के जुलाना निवासी हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार लाठर के शव के पास पुलिस को सुसाइड नोट मिला। इसमें एडीजीपी पूरण कुमार का नाम एक बार लिखा है और दो बार पद से संबोधित किया गया है। एक बार उनकी आईएएस पत्नी का उल्लेख करते हुए संपत्ति की जांच की मांग की है। नोट में संदीप ने भगत सिंह का अपना आदर्श बताया है।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
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यह लिखा है फाइनल नोट में...
संदीप कुमार पुत्र दयानंद गांव जुलाना, जींद। मैंने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है। मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है। मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े। सेना में रहे। छोटे दादाजी तो सात साल बर्मा (म्यांमार) में देश की लड़ाई में कैद में रहे। मेरी रगों में देशभक्ति है। देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
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मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि जो कुर्बानी उन्होंने देश को आजाद करवाने में लगाई, वह एक लीजेंड थे। अगर भगत सिंह जैसे न होते तो क्या देश आजाद होता? वह भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे। हमारी नस्लों को यह (उनका बलिदान) प्रेरणा देता है पर आज समाज में बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार और जातिवाद है जो हमें सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं।
भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी कार्यालय में की
हरियाणा में आईएएस अधिकारी व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं। भाजपा सरकार के कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं। माहौल में ढलने में मुझे शुरुआत में काफी कठिनाइयां आईं। मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा। हमने अपराध पर लगाम लगाने का बहुत प्रयास किया। अफसरों का सहयोग मिला, मार्गदर्शन मिला, सही के लिए प्रेरित किया। पूरण कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी कार्यालय में कर दी गई।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
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महिला पुलिसकर्मियों का यौन उत्पीड़न किया
ईमानदार का तबादला कर दिया गया। जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला और कर्मचारियों को कार्यालय बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर उनसे रुपये लिए। रोहतक रेंज से फाइल मंगवाकर उनमें छोटी-छोटी गलतियां निकालकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर एसआई सुनील व गनमैन सुशील रुपये ऐंठते थे। महिला पुलिसकर्मियों को कार्यालय में बुलाकर तबादला करने के नाम पर यौन उत्पीड़न किया गया।
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लाहौत में एएसआई संदीप लाठर की मौत के बाद गमजदा पत्नी संतोष।
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सामान्य नागरिकों और व्यापारियों को बुलाकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मोटी रिश्वत ऐंठी गई। अपराध को बढ़ावा नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की गई। कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो किसी से कुछ नहीं बिगाड़ पाने की बात कहता। उच्च्च अधिकारियों व सीएम की जानकारी में यह आने पर इनका तबादला किया गया।
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बेटे का शव देखने के बाद बदहवास हालत में मां
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'यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है'
इसमें तबादले के बाद एक व्यापारी को बदमाशों ने पहले ही धमकी दी थी उसे अपने कार्यालय बुलाकर बेइज्जत किया गया अपशब्द कहे गए। गनमैन सुशील ने उनके कार्यालय में जाकर रुपये लिए। इसकी सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है। इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह हमारे देश और समाज के आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। समाज के काले कौवों और भ्रष्टाचारी अधिकारी इस लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वे यह भूल गए हैं कि हमारी रगों में देशभक्ति भरी है। मेरे जैसी सौ जानें कुर्बान-देश नहीं झुकेगा सच्चाई की जीत होगी।
15 अगस्त पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया एएसआई संदीप को सम्मानित किया था
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संदीप को स्वतंत्रता दिवस पर सीएम ने किया था सम्मानित
एएसआई संदीप का परिवार सेवा और त्याग की परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता दयानंद भी पुलिस इंस्पेक्टर थे। सेवानिवृत्त के बाद करीब 20 वर्ष पहले वे ट्रेन से सफर के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे। संदीप के दादा भरत सिंह और छोटे दादा ने सेना में सेवाएं दी थीं। छोटे दादा ने बर्मा (अब म्यांमार) में लड़ाई लड़ी और सात साल जेल भी काटी थी। उन्हीं से प्रेरित होकर संदीप ने पुलिस की नौकरी चुनी थी। क्राइम ब्रांच में शानदार सेवाओं के लिए बीते स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएम नायब सिंह सैनी ने उन्हें सम्मानित भी किया था।