रोहतक के एएसआई संदीप लाठर केस में बड़ा सवाल है कि वो शहीद क्यों हो गया। संदीप के मन में कोई पीड़ा थी तो मीडिया, सरकार या अफसरों से साझा करना था। इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं?
रोहतक के एएसआई संदीप लाठर की मौत से उनका परिवार तो तबाह हुआ ही, खुदकुशी का सवाल भी जिंदा है। कारण यह कि उनका न एडीजीपी पूरण कुमार से कोई लेन-देन था, न ही उनके गनर सुशील से। पूरण अब रहे भी नहीं। भगत सिंह के आदर्श मानने वाला आखिर क्यों हो गया शहीद? इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं?
मौत से पहले बनाए वीडियो में संदीप कह रहे हैं एडीजीपी पूरण कुमार भ्रष्ट थे। भ्रष्टाचार के केस में गिरफ्तारी के डर से ही उन्होंने खुदकुशी की है। अब उनका परिवार सियासी रंग देकर शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दे रहा है। भ्रष्टाचार के मामले को दबाया जा रहा है जो मैं होने नहीं दूंगा। संदीप के इस तर्क को सोशल मीडिया पर लोग कबूल नहीं कर पा रहे।
संभव है कि बहुत से लोगों की तरह संदीप को भी यह अखरा हो कि एडीजीपी के शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं हो रहा? लेकिन, इस मसले को सुलझाने के लिए सरकार और पूरा तंत्र लगा ही है। फिर, संदीप को इस मामले में पड़ने की जरूरत क्या थी?
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संदीप को कहीं ऐसा तो नहीं लगा कि लाहौर असेंबली में बम फेंककर फांसी के फंदे पर झूले भगत सिंह को देश ने जिस तरह नायक बनाया, कुछ वैसी ही कुर्बानी देकर वह भी सरकार और आला अफसरों के तारणहार बन जाएंगे?
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बात में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस की जांच से ही साफ होगा। वैसे, कोई खुदकुशी तभी करता है जब सारे रास्ते बंद दिखाई देने लगें। सवाल है कि क्या संदीप के आगे के सारे रास्ते बंद थे? ऐसा था तो क्यों?
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्या एडीजीपी सुसाइड केस से उसका कुछ लेना देना था? एसपी रहे नरेंद्र बिजारणिया और डीजीपी रहे शत्रुजीत कपूर को ईमानदार बताने का जिम्मा जांच एजेंसियों के हवाले था, फिर संदीप ने उसे क्यों अपने सिर लाद लिया।
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रोहतक के एएसआई संदीप के शव को उतारते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलविदा दोस्तों... अगले जन्म में भी ऐसी ही लड़ाई लड़ेंगे!
संदीप ने वीडियो में कहा है कि आज भगत सिंह जिंदा होते तो उन्हें शर्म आती कि हम किन लोगों के लिए लड़े। मैं भगत सिंह का फैन हूं। सक्षम हूं, जमींदार का बेटा हूं। ईमानदारी की लड़ाई में अपनी कुर्बानी देने जा रहा हूं। मुझे बहुत फख्र है। अलविदा दोस्तों, अगले जन्म में आएंगे तब भी ऐसी ही लड़ाई लड़ेंगे।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने इसी कमरे में की आत्महत्या
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व्हाट्सएप ग्रुप में वीडियो डलते ही घनघनाने लगे फोन
संदीप लाठर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट और वीडियो पुलिस और परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया था। वीडियो शेयर होते ही परिजन और पुलिसकर्मी संदीप को फोन करने लगे। जिलेदार जब कमरे पर पहुंचा तो भी संदीप का फोन लगातार बज रहा था।
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संदीप की खुदकुशी के बाद मौके पर जमा लोग
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डॉक्टर बोले... तनाव ही होता सुसाइड करने की मुख्य वजह
नागरिक अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. विपिन नैन बताते हैं कि सुसाइड एक मूवमेंट होता है जो तुरंत का निर्णय होता है। यह तनाव बढ़ने से होता है। इसके पीछे काम का अतिरिक्त दबाव भी हो सकता है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी ऐसी होती है कि उन्हें पर्याप्त छुट्टियां नहीं मिल पातीं।
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इसी पिस्टल से की संदीप ने खुदकुशी
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किसी बात को मन में दबाकर रखना भी खुदकुशी का विचार लाता है। सोचने समझने की क्षमता खत्म होने पर लोग यही मानते हैं कि सुसाइड ही आखिरी रास्ता है। इस प्रवृति को रोकने के लिए सरकार ने टेली मानस एप लॉन्च किया है। टोल फ्री नंबर (14416) भी है, जहां फोन करके 24 घंटे काउंसलर से मदद ले सकते हैं।
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मौके पर विलाप करतीं एएसआई के परिजन
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सोशल मीडिया में ऐसे सवालों की झड़ी है। लोग पूछ रहे हैं कि संदीप के मन में कोई बात थी तो मीडिया से साझा करना था। सरकार या अफसरों के आगे रखना था। खुदकुशी नहीं करनी थी। सर्विस रिवॉल्वर का ट्रिगर दबाते उन्हें बूढ़ी मां, पत्नी और तीनों बच्चों का ख्याल नहीं आया?
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जांच करती टीम
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फुफेरा भाई बोला-कई दिन से परेशान थे संदीप
एएसआई संदीप के फुफेरे भाई संजय लाढ़ौत ने बताया कि कई दिन से संदीप परेशान था। उसकी आंखों में सूजन थी। पूछने पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। वायरल वीडियो व सुसाइड नोट में जो संदीप ने कहा उसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
एएसआई संदीप ने की खुदकुशी
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मुझे बेटे से ज्यादा विश्वास था संदीप पर
जुलाना निवासी जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि संदीप पर मुझे अपने बेटे से ज्यादा विश्वास था। यह मुझसे कोई बात नहीं छिपाता था। दो दिन पहले मुझसे मिला भी था। पूर्व एडीजीपी प्रकरण को लेकर कह रहा था कि गनर सुशील को गिरफ्तार करने वाली टीम में वह भी था। इससे ज्यादा उसने कुछ नहीं बताया। नहीं पता था कि जिसे बचपन से खिलाया, वह यूं छोड़कर चला जाएगा।