मंच से संबोधित करते राज्यपाल।
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राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ शरीर के साथ शांत चित्त व आत्मिक शांति जरूरी है। आत्मिक शांति तभी आती है जब स्वास्थ्य सही रहता है। भारतीय प्राचीन चिकित्सा जगत में आयुर्वेद का बड़ा योगदान है। नियमित रूप से योग, प्राणायाम और व्यायाम कर हम न केवल निरोगी रह सकते हैं बल्कि, हमारा मन भी शांत रहता है।
यह वर्तमान में जरूरी है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों से केवल डिग्री हासिल करने तक अपने आप को संतुष्ट न मानने, उनको निरंतर आगे बढ़ने व नई रिसर्च का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। नई रिसर्च के दृष्टिकोण से ही देश आगे बढ़ेगा। उसी से समाज में समृद्धि आएगी।