कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना बेहद गर्व की बात है। बेटे की जीत पर सात समुंदर पार देश के राष्ट्रगान की धुन बजना एक पिता के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। यह बातें विजेंद्र सिंह ने बेटे अमित पंघाल के मैच जीतने के बाद खुशी व्यक्त करते हुए कही। वहीं मां उषा देवी ने मैच शुरू होने से कुछ देर पहले अमित से फोन पर बात की तो हौसला अफजाई करते हुए बोलीं ‘बेटा म्हारै धौरे खोवण खातर कुछ कोन्या, खुल कै खेलिये, पावण खातर सोना सै, शेर की ढाल खेलणा सै।’ वहीं मां के शब्दों को पूरा करते हुए अमित ने फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के खिलाड़ी कैरन मैकडोनाल्ड को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
अमित के बड़े भाई अजय रविवार सुबह ही 10 दिन की छुट्टी लेकर कोटा से हरियाणा के रोहतक में अपने गांव मायना पहुंचे। अजय ने कहा कि उनका मन कर रहा था छोटे भाई का फाइनल मैच परिजनों के बीच बैठकर देखा जाए। मैच देखने के लिए अमित के घर पर सुबह 11 बजे से ही ग्रामीण व परिजन जुटने लगे।