पंचकूला सेक्टर-21 में रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की पत्नी नीरा मेहता की हत्या कर दी गई थी। वे घर से गायब गहनों के बारे में पूछने के लिए अपनी घरेलू सहायिका के घर गई थी। पुलिस ने आरोपी घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति शंकर और बेटे राजा को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
1 of 5
पंचकूला में बुजुर्ग महिला की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
पंचकूला सेक्टर-21 में रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की पत्नी नीरा मेहता की हत्या की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इस फुटेज ने वारदात के बाद रची गई पूरी साजिश को उजागर कर दिया है।
फुटेज में घरेलू सहायिका सुनीता देवी और उसका बेटा चादर में लिपटे शव को ले जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में सुनीता देवी शव के सिर वाले हिस्से और उसका बेटा पैरों वाले हिस्से को पकड़े हुए नजर आ रहा है। दोनों शव को घर से बाहर निकालकर पड़ोसी की छत तक ले जाते हैं और वहां चादर से ढककर छिपा देते हैं। यह फुटेज अब पुलिस जांच का सबसे अहम साक्ष्य बनकर सामने आई है।
विज्ञापन
2 of 5
नाैकरानी के घर बिखरा पड़ा सामान
- फोटो : संवाद
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने वारदात को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। सीसीटीवी फुटेज में घटनाक्रम क्रमवार कैद हुआ है। इसमें घरेलू सहायिका और उसका बेटा शव को घर से बाहर निकालते दिखाई देते हैं।
इसके बाद दोनों पड़ोसी की छत पर पहुंचते हैं और शव को वहां छिपा देते हैं, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और हत्या के सबूत खत्म करने के इरादे से यह पूरी साजिश रची थी।
विज्ञापन
3 of 5
कैमरे में दिख रही आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
जांच के दौरान जुटाई गई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य भौतिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति शंकर और बेटे राजा को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नीरा मेहता घरेलू सहायिका से घर से गायब हुए आभूषणों के बारे में पूछताछ करने गई थीं। इसी दौरान विवाद हुआ और उनकी हत्या कर दी गई।
4 of 5
शव फेंकने के बाद लाैटती आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को पड़ोसी की छत पर छिपाकर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन कैमरों में कैद तस्वीरों ने पूरी कहानी सामने ला दी। फुटेज मिलने के बाद जांच की दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो गई और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
बुधवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। वीरवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने घरेलू सहायिका सुनीता देवी और उसके बेटे को दो दिन के अतिरिक्त पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जबकि तीसरे आरोपी शंकर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिमांड के दौरान मृतका का मोबाइल फोन और कुछ आभूषण बरामद किए गए हैं। जांच टीम अब हत्या में इस्तेमाल किए गए घटनाक्रम, आभूषणों की बरामदगी और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।