बारिश और ओलावृष्टि की दोहरी मार से जूझ रहे किसानों की फसलें अब सड़ने के कगार पर हैं। खलिहानों में एकत्रित की गई सरसों की फसल और पुलियों में एकत्रित गेहूं में बालियां अंकुरित होना शुरू हो गई हैं। गेहूं का दाना काला भी पड़ने लगा है। जिले में पिछले 17 मार्च से 2 अप्रैल तक चार बार ओलावृष्टि और एक बार 40 और दूसरी बार 65 व तीसरी बार 88 एमएम बारिश हो चुकी है।
जिले में इस बार 2,25,275 एकड़ में सरसों और 80,850 एकड़ में गेहूं की बिजाई की गई थी। वहीं 10,550 एकड़ में चना और 1,425 एकड़ में मटर की बिजाई की गई थी। फरवरी के अंतिम सप्ताह में सरसों की फसल की कटाई शुरू हो गई थी। किसानों की ओर से काटी गई फसल को खलिहानों में लगाया गया था।