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Diksha Suicide: 'हमारी बेटी बहुत मजबूत थी, पढ़ाई में थी मेधावी', पिता बोले- इसके पीछे जरूर कुछ है; वार्डन हटाई

Sat, 18 Apr 2026 01:53 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में छात्रा दीक्षा की आत्महत्या और उसके बाद वीरवार रात करीब तीन बजे तक हुए छात्र आंदोलन के बाद संस्थान प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला चीफ वार्डन और डिप्टी वार्डन को हटा दिया है। शहाबुद्दीन को खेल प्रभार से मुक्त कर ई-स्टेट विभाग में भेज दिया गया जबकि दो एसोसिएट डीन बदल दिए गए हैं।
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Diksha Suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एनआईटी कुरुक्षेत्र में फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाली द्वितीय वर्ष की छात्रा दीक्षा दुबे के परिजन शुक्रवार सुबह एनआईटी परिसर पहुंचे। यहां पुलिस व एनआईटी प्रशासन परिवार की संतुष्टि के लिए उन्हें कक्षा व छात्रावास परिसर की सीसीटीवी फुटेज दिखाते रहे। करीब 28 घंटे बाद शाम छह बजे मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम पूरा किया।

पोस्टमार्टम के बाद दीक्षा के पिता शशि कुमार दुबे ने कहा कि हमारी लड़की बहुत मजबूत थी। पढ़ने में शुरू से ही अच्छी रही। 12वीं में उसने 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। जेईई मेन में भी अच्छे नंबर आए थे। एनआईटी में भी उसका प्रदर्शन बहुत अच्छा था। 

कॉलेज प्रशासन और प्रोफेसर भी मानते हैं कि दीक्षा पढ़ाई में मेधावी थी। उसे स्कॉलरशिप पर एनआईटी में दाखिला मिला था। फिर भी उसने यह कदम उठा लिया। इसके पीछे जरूर कुछ न कुछ है। उन्होंने छात्रों के आरोपों पर कहा कि हम यहां मौजूद नहीं थे। 
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छात्रा दीक्षा दुबे की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों ने जो कुछ कहा है उसके बारे में हमने पुलिस से बात की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच होगी। दीक्षा के मौसेरे भाई ओंकार ने बताया कि घटना वाले दिन भी दीक्षा ने अपनी मां पूनम से फोन पर बात की थी। बातचीत पूरी तरह सामान्य थी। 

 
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पोस्टमार्टम के दौरान मोर्चरी हाउस के बाहर बैठे परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसा नहीं लगा कि वह परेशान है या कोई गंभीर समस्या है। परिवार को अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि दीक्षा इस तरह का कदम उठा सकती है। दीक्षा ने अपनी पढ़ाई अलीगढ़ से पूरी की थी। 12वीं के बाद उसने जेईई परीक्षा दी थी। 

 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें उसका ऑल इंडिया रैंक 15 हजार के आसपास आया था। उसी के आधार पर उसका चयन कुरुक्षेत्र एनआईटी में हुआ। ओंकार ने बताया कि दीक्षा को रुपये की कमी नहीं थी। परिवार के हालात ठीक हैं। पिता शशि कुमार दुबे अलीगढ़ में बियर फैक्टरी में कार्यरत हैं।
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थाना केयूके प्रभारी विशाल कुमार ने कहा कि परिवार ने अभी तक कोई लिखित में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। मामले की जांच जारी है।


 
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनआईटी के महिला छात्रावास में पसरा सन्नाटा, घर लौटे अधिकतर छात्र-छात्राएं
एनआईटी में हालात पूरी तरह से बदल गए हैं। छात्राओं के हॉस्टल में घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। मृतक छात्रा दीक्षा के कमरे पर भी ताला लटका रहा। शुक्रवार को छात्र अपने घर की तरफ जाने लगे, वहीं जो छात्र हॉस्टल में रहे वे भी शनिवार को जाने की तैयारी करते रहे। कावेरी हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि हमारे यहां प्रदर्शन खत्म होते ही छात्राएं घर की तरफ निकल गई, जबकि कुछ आज या कल में जा सकती हैं। 

 
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुष छात्रावास के हालात भी समान हैं। हॉस्टल नंबर सात, दो और चार के छात्रों ने बताया कि उनके यहां तो पूरा हॉस्टल खाली होने लगा है। इस मामले पर एनआईटी के निदेशक व अन्य अधिकारियों से जब संपर्क साधा गया तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया। साथ ही विभागों के एचओडी, प्रोफेसर आदि इस विवाद पर बोलने से बचते रहे। सिर्फ यही कहा जाता रहा कुछ भी मालूम नहीं।

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हॉस्टल खाली करके घर जाते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मम्मी-पापा की कॉल आ गई, सब छोड़ के घर आ जाओ
बातचीत के दौरान अलकनंदा भवन, भागीरथी भवन, कल्पना चावला भवन की छात्राओं ने कहा कि घटना का पता चलते ही उनके मम्मी-पापा की सुबह ही कॉल आई। उन्हें देर रात हुए विरोध प्रदर्शन के बारे में पता लगा तो कहा कि छुट्टियां हो गई हैं तो घर आ जाओ।
 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्रों को समझाते अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनआईटी में छात्रा की आत्महत्या मामले में महिला चीफ वार्डन और डिप्टी वार्डन को हटाया
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में छात्रा दीक्षा की आत्महत्या और उसके बाद वीरवार रात करीब तीन बजे तक हुए छात्र आंदोलन के बाद संस्थान प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला चीफ वार्डन और डिप्टी वार्डन को हटा दिया है। शहाबुद्दीन को खेल प्रभार से मुक्त कर ई-स्टेट विभाग में भेज दिया गया जबकि दो एसोसिएट डीन बदल दिए गए हैं। छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए मांग पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए एनआईटी प्रशासन ने महिला चीफ वार्डन वृंदा गोयल को हटाकर ज्योति औरी को नया चीफ वार्डन नियुक्त किया गया है। रीतू गर्ग को नई डिप्टी चीफ वार्डन बनाया गया है। 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्रों को समझाते अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों के भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप पर खेल प्रभारी शहाबुद्दीन से खेल विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। उन्हें अब ई-स्टेट विभाग में भेज दिया गया है। छात्रों की मांग पर दो एसोसिएट डीन भी बदले गए हैं। प्रो. दीक्षित गर्ग की जगह अब प्रो. बीके बाजपेई को एसोसिएट डीन बनाया गया है। प्रो. शाली भडेड़ा की जगह पूनम जिंदल को नया एसोसिएट डीन नियुक्त किया गया है।

 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इससे पहले छात्रा दीक्षा की आत्महत्या के खिलाफ वीरवार रात तीन बजे तक एनआईटी के छात्र सड़क पर थे। बाद में उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करा दिया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे दस छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के कार्यकारी निदेशक ब्रह्मजीत सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। छात्रों ने निदेशक के साथ करीब दो घंटे बैठक की। 

 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों ने हाल में हुई आत्महत्याओं की जांच सीबीआई से कराने, अकादमिक सुधार, मानसिक स्वास्थ्य समर्थन, सुरक्षा व्यवस्था, हॉस्टल सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसी मांगें उनके सामने रखीं। निदेशक ने छात्र प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सभी मांगों का अध्ययन किया जाएगा। जिन मांगों को एनआईटी बोर्ड की ओर से पूरा किया जा सकता है उन पर तुरंत विचार किया जाएगा। 

 

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाकी मांगों को सीनेट में भेजा जाएगा और वहां से निर्णय लिया जाएगा। छात्रों ने कहा कि यह तबादले तो ठीक हैं लेकिन शेष मांगों विशेषकर प्रोफेसर महेश कुमार गुप्ता और अन्य आरोपियों पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार पर जल्द ही कार्रवाई हो।

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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऑनलाइन होंगे वाइवा : प्रो. ज्ञान भूषण
एनआईटी के प्रवक्ता प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि सेमेस्टर 22 अप्रैल तक था। अब तीन-चार दिन पहले ही छात्रों की छुट्टी कर दी गई है। कैंपस में अभी तनाव का माहौल है इसलिए बच्चे घर पर जाकर तैयारी कर सकेंगे। अब उनके वाइवा भी ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। एंड सेमेस्टर एग्जाम की डेटशीट पहले से ही जारी की जा चुकी है, वो ऑफलाइन होंगे।

 
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों की मुख्य मांगें
  • हालिया घटनाओं की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो
  • अकादमिक सुधार हों जिनमें री-एग्जाम, अटेंडेंस, मूल्यांकन आदि शामिल
  • बेहतर मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और काउंसलिंग की व्यवस्था
  • हॉस्टल और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
  • प्रशासनिक पारदर्शिता और छात्र प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाए
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